
सिंगरौली (अनुराग दर्शन समाचार )। पिछले महीने सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में भी सिंगरौली जिले का बहुत ही खराब प्रदर्शन रहा जो कि इस महीने अनवरत जारी रहने वाला है क्योंकि अधिकारियों की अकर्मण्यता के कारण सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। शासन व्यवस्था में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन का बड़ा ही अहम रोल है सीएम हेल्पलाइन में जनता की समस्याओं को निराकृत करने के लिए बहुत ही अच्छा सिस्टम बनाया गया है लेकिन सिंगरौली में इस पूरे सिस्टम का पलीता लग चुका है पिछले महीने पूरे मध्यप्रदेश के जिलों में सीएम हेल्पलाइन की निराकरण की रैंकिंग जारी की गई थी उसमें सिंगरौली का स्थान 13 वें नंबर पर था सीएम हेल्पलाइन में लगे शिकायतों के अंबार शिकायतों की फोर्स क्लोज होने के आंकड़े को देखते हुए हम आपको यह बता सकते हैं सिंगरौली जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने में ना तो अधिकारी कोई रुचि दिखा रहे हैं और ना ही वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को संज्ञान में ले रहे हैं लेकिन मंत्रालय से प्राप्त सूत्रों के अनुसार सीएम हेल्पलाइन में सिंगरौली जिले की इस खराब प्रदर्शन से उच्च स्तर के अधिकारी एवं से मुख्यमंत्री भी खफा हैँ।
*शिकायतों के निराकरण के सख्त निर्देश*
बताते चलें कि सिंगरौली जिले में सीएम हेल्पलाइन में सबसे अधिक राजस्व व बिजली पानी की शिकायतें पहुंच रही है लेकिन इन शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है अधिकारी चुनाव ड्यूटी का बहाना करेंगे लेकिन आपको यह भी बताते चलें कि सरकार के द्वारा ऐसा कोई भी आदेश नहीं निकाला गया है यदि चुनाव ड्यूटी कोई अधिकारी कर रहें है तो वह शिकायतों के निराकरण नहीं बल्कि इस संबंध में कलेक्टर सिंगरौली राजीव रंजन मीना ने अधिकारियों को निर्देश भी दे रखा है कि आप सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता के तौर पर रखें।
*मुख्यमंत्री के मना करने के बावजूद भी फोर्स क्लोज*
इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में जिन विभागों की सबसे ज्यादा शिकायत होती है उसमें आता है खाद्य आपूर्ति विभाग यानी कि उचित मूल्य की दुकानों में उपभोक्ताओं को राशन वितरण में कोटेदारों के द्वारा की जा रही गड़बड़ी भी सिंगरौली जिले में एक बहुत बड़ा मुद्दा है जनसुनवाई बंद होने के कारण जनता के पास यह अपनी समस्याओ के निराकरण का एक ही रास्ता बचा था लेकिन उसे भी अधिकारियों ने पूरी तरह से भूसा के नीचे डाल दिया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को कई बार यह हिदायत दी है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को ना तो फोर्स क्लोज किया जाए और ना ही उनके निराकरण में कोई कोताही बरती जाए ऐसा करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी और इस संबंध में उन्होंने कई अधिकारियों को निलंबित भी किया है लेकिन अफसरों के ऊपर मुख्यमंत्री के आदेश का भी कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
*सबसे ज्यादा शिकायतों वाले विभाग*
हेल्पलाइन में शिकायतों का सबसे ज्यादा अंबार लगा है उनमें टॉप फाइव वाले विभाग हैं जिनमें की राजस्व, पंचायती राज विभाग, बिजली व पीएचई सहित खाद्य आपूर्ति विभाग हैं जिससे यह समझ में आता है कि लोग न केवल राजस्व विभाग की परेशान है बल्कि पंचायती राज में रोजगार सहायकों एवं सचिवों की मनमानी और बिजली पानी की सुविधा ना मिल पाना राशन का सही से वितरण ना होना इसकी भी मुसीबत जनता झेल रही है सबसे बड़ा कारण यही है कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है दूसरा कारण यह है कि एक ओर जहाँ शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है और शिकायतें रोज हो रही है इसमें सबसे ज्यादा संबंधित विभागों की लापरवाही शुरू की शिकायतें परिलक्षित होती है जो कि समाधान नहीं करवा पा रहे हैं।
*एक नजर विभाग में लंबित शिकायतों के ऊपर*
सिंगरौली जिले में सभी विभागों को मिलाकर कुल में 2950 शिकायतें दर्ज है। जिले के सभी विभागों को मिलाकर L2 में 712 शिकायतें दर्ज है। सिंगरौली जिले में सभी विभागों को मिलाकरL:-3 में 1100 शिकायतें दर्ज हैं। सिंगरौली में फिर सभी विभागों को मिलाकर L4 में 2578 शिकायतें दर्ज है। कुल मिलाकर सिंगरौली जिले में 7301 सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित हैं।
इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने वाले टॉप टेन विभाग ये हैं…
*राजस्व विभाग*
सिंगरौली जिले में राजस्व विभाग सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण नहीं करने में सबसे ऊपर है
शिकायत की संख्या
352 :- लेवल 1
52 :-. लेवल 2
113 लेवल 3
630 लेवल 4
कुल शिकायतें :-1147
*ऊर्जा विभाग में लंबित शिकायतें*
ऊर्जा विभाग में सीएम हेल्पलाइन की एल्बम स्तर पर 506 शिकायत L2 स्तर पर 133 शिकायत l3 अक्षर पर 150 शिकायतें और L4 स्तर पर 84 शिकायतें इस तरह से कुल 873 सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित है।
खाद्य आपूर्ति विभाग :- खाद्य आपूर्ति विभाग में लेवल फोर पर 222 शिकायतें लेवल टू पर 58 शिकायतें लेवल 3 पर 59 शिकायतें और लेवल 4 पर 314 शिकायतें कुल मिलाकर 653 शिकायतें लंबित है यह सारी शिकायतें कोटेदारों की लापरवाही और भरे शाही की है।
पीएचई विभाग में लंबित शिकायतों की संख्या
277 शिकायतें :-L-1
64शिकायतें :-L2
66शिकायतें :-L3
112शिकायतें :-L4
कुल शिकायत :-519
संस्था गत वित्तीय विभाग
99शिकायतें :-L1
18शिकायतें :-L2
23शिकायतें :-L3
300शिकायतें :-L4
कुल शिकायत :-440
*लोक स्वास्थ्य विभाग की शिकायतें*
लोक स्वास्थ्य विभाग में L1 स्तर की संतान में शिकायतें L2 अस्तर की 42 शिकायतें गैलरी स्तर की 74 शिकायतें और L4 स्तर की 94 शिकायतें लंबित हैं कुल मिलाकर 307 शिकायतें लंबित हैं
*पीएम आवास योजना ग्रामीण*
मनरेगा के बाद पंचायत विभाग का यह दूसरा विभाग है जहां सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होता है इस विभाग में ही L1 स्तर की 120 शिकायतें लंबित हैं L2 22 की 52 शिकायतें यंत्री l-3की 79 शिकायतें और L4 स्तर के 46 शिकायतें लंबित हैं कुल मिलाकर 279 शिकायतें लंबित हैं।
*पुलिस विभाग*
वहीं पुलिस विभाग की बात करें तो पुलिस विभाग में ही L1स्तर की 247 शिकायतें की एवं l2स्तर की छह शिकायत लंबित हैं L4 स्तर की 22 शिकायतें कुल मिलाकर 281 शिकायतें लंबित हैं।
*पंचायती राज विभाग*
अब आता है सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी करने वाला विभाग पंचायती राज विभाग में एल l1 स्तर पर जो निराकरण अधिकारी जनपद सीईओ होते हैं वह शिकायतों का निराकरण करने की बजाय शिकायतों को फोर्स क्लोज कर देते हैं जिससे कि उन्हें शिकायतों का निराकरण ही न करना पड़े भ्रष्टाचारी सरपंच सचिवों से इनका पर्सनल कनेक्शन सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने से रोकता है। बताते चलें कि पंचायती राज विभाग में ही L1 स्तर की 152 शिकायतें L2 स्तर की 34 शिकायतें L3स्तर की 41 शिकायतें L4 स्तर की 11 शिकायतें कुल मिलाकर 238 शिकायतें लंबित हैं। यदि बात करें सीमांकन की शिकायतों की संख्या तो यहां l1 स्तर पर 122 शिकायतें L2स्तर पर 10 शिकायत और L2स्तर पर 22 शिकायत L4 पर 46 शिकायत कुल मिलाकर 220 शिकायतें लंबित हैं।
*निराकरण न होने से निराशा*
सिंगरौली जिले के विभिन्न विभागों में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के आंकड़े पर नजर जाए डाला जाए तो यह बेहद चिंता और समस्या का विषय है क्योंकि शासन व्यवस्था में शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु बनाए गए प्लेटफॉर्म सीएम हेल्पलाइन पर अगर जनता के शिकायतों के निराकरण का यही रवैया रहा तो जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए हताश और निराश हो जाएगी।
*नप सकते हैं कई अधिकारी*
वही मंत्रालय की सूत्रों से यह जानकारी मिली की सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा का समय भी नहीं मिल पा रहा था लेकिन अब चुनाव समाप्त हो गया है जिसके बाद अब सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण की स्थिति एवं समीक्षा दोहरे ताकत से की जाएगी खराब रैंकिंग वाले जिलों के अधिकारियों पर उचित कार्यवाही भी की जाएगी.