एकेडमिक बैकग्राउंड से ही मिलती है ख्याति: डॉ बरनाली

मुविवि में तीन दिवसीय कार्यशाला

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज एवं सेमका, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में कैपेसिटी बिलिं्डग प्रोग्राम ऑन कंटेंट डेवलपमेंट यूजिंग ओईआर विषयक त्रिदिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को तीन सत्रों का आयोजन किया गया।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता एवं रिसोर्स पर्सन नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुक्त विश्वविद्यालय, कोलकाता की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बरनाली राय चौधरी ने बताया कि हम कैसे किसी भी पाठ्य सामग्री को सी सी बाई लाइसेंस के अधीन ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एकेडमिक बैकग्राउंड से ही नाम और ख्याति प्राप्त होती है। इसके लिए उन्होंने एकेडमिक बैकग्राउंड को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में मुक्त शैक्षिक संसाधन पॉलिसी को लागू किए जाने के सम्बंध में भी विचार व्यक्त किए।
दूसरे सत्र में विश्वविद्यालय के शिक्षकों की चार टोली बनाकर ओ ई आर को तैयार किए जाने के सम्बंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में शिक्षकों के ग्रुप ए में विज्ञान विद्या शाखा का प्रजेंटेशन प्रोफेसर जे पी यादव एवं डॉ धर्मवीर सिंह ने किया। ग्रुप बी में मानविकी विद्या शाखा की प्रस्तुति डॉ साधना श्रीवास्तव ने। ग्रुप सी में समाज विज्ञान विद्या शाखा की तरफ से प्रस्तुति डॉ त्रिविक्रम तिवारी एवं ग्रुप डी में जिसमें प्रबंधन अध्ययन विद्या शाखा, स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा तथा कृषि विज्ञान विद्या शाखा की एक संयुक्त प्रस्तुति डॉ देवेश रंजन त्रिपाठी ने किया।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि कार्यशाला का संचालन डॉ ज्ञान प्रकाश यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ राम जन्म मौर्या ने किया। तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन गुरुवार को मुक्त विश्वविद्यालय के सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में होगा।

Exit mobile version