द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्रपति बनने से बढ़ा महिलाओं का सम्मान-श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह

 

हरिद्वार ( अनुराग दर्शन समाचार )। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के संतो ने द्रौपदी मुर्मु को देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति चुने जाने पर शुभकामनाएं प्रदान करते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। कनखल स्थित अखाड़े में प्रेस को जारी बयान में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू का एक महिला आदिवासी के रूप में राष्ट्रपति पद की कमान संभालना पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। इससे महिलाओं का सम्मान तो बढ़ा ही है। साथ ही आदिवासी समुदाय की भावनाओं को भी गौरव प्राप्त हुआ है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इसके लिए बधाई के पात्र हैं हि उन्होंने एक महिला आदिवासी को राष्ट्रपति पद के लिए चुना। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर तरक्की कर रहा है और विदेशों में भारत का जो सम्मान वर्तमान में है। वह पूरे विश्व में भारत को गौरवान्वित कर रहा है। संत समाज द्रौपदी मुर्मू को आशीर्वाद प्रदान करता है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है। कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि हम सभी को उम्मीद है कि द्रौपदी मुर्मू एक कुशल राष्ट्रपति के रूप में भारत के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराएंगी। देश को तरक्की की ओर अग्रसर करने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जो सभी के लिए हर्ष का विषय है। हमें बेटी बेटे में अंतर नहीं करना चाहिए और समाज में फैली इस कुरीति के प्रति सब को जागरूक रहना चाहिए। बेटी समाज का गौरव है और महिलाओं के बिना एक सशक्त समाज के निर्माण की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए हम सभी को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और प्रत्येक क्षेत्र में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करना चाहिए। द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी राष्ट्रपति के रूप में भारत का इतिहास बदलेंगी। ऐसी संत समाज उनसे आशा करता है। इस अवसर पर महंत निर्भय सिंह, संत जरनैल सिंह, महंत खेमसिंह, महंत देवेंद्र सिंह, महंत दर्शन सिंह, महंत अमनदीप सिंह, संत सहजदीप सिंह, स्वामी कृष्णानन्द, स्वामी सूर्यनारायण गिरी, संत जसकरण सिंह, संत हरजोत सिंह, संत सुरजीत सिंह, संत तलविंदर सिंह, संत सिमरन सिंह, संत सुखमण सिंह उपस्थित रहे।

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