
इलाहाबाद। दरियाबाद दरगाह हज़रत अब्बास पर मुम्बई से आए मशहूर आलिमे दीन व इमाम ए जुमा वल जमात मौलाना फय्याज़ बाक़िर हुसैनी ने प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता स्व हैदर अली नक़वी के चालिसवें की मजलिस मे क़ोमो मिल्लत को नफ्स की पाकीज़गी के साथ अपने किरदार से ऐसी मिसाल बन्ने की नसीहत दी जिससे अल्लाह और रसूल के साथ आम लोग भी तरबीयत हासिल करें।
कहा दुनयावी इल्म हासिल करो,ओलमाओं से मज़हबी बातों की जानकारी हासिल करो ताकि दुनयावी इल्म और मज़हबी इल्म के साथ देश, क़ौम व अपने अईज़्ज़ा व अक़ारिब को सही दिशा और सही राह दिखा सको और यह सारी चीज़े अपने नफ्स को क़ाबू मे रख कर हासिल की जा सकती है ।
जिस्से दुनिया भी संवर जाएगी और आखरत भी और अल्लाह की खुशनूदी भी हासिल हो जाएगी। मौलाना ने फज़ाएल के बाद मसाएब पढ़े तो माहौल ग़मगीन हो गया।उन्होने हुसैने मज़लूम पर ढ़ाए गए ज़ुल्म के बावजूद यज़ीद के हाथों बैयत करना ठुकरा कर शहीद होना बेहतर समझा।
यही वजह है की आज उन्के चाहने वाले हर मज़हब और मिल्लत मे मिल जाएंगे।मजलिस से पूर्व सै०तनज़ीमुल हसन नक़वी ने तेलावते कलाम पाक से मजलिस का आग़ाज़ किया।
मन्ज़रुल हिन्दी ने ग़मगीन सोज़ व मर्सिया के फराएज़ अन्जाम दिए।मजलिस मे बड़ी संख्या क़ौमो मिल्लत के लोगों के साथ शिक्षक संघ से उनके चाहने वालों,राजनीतिक व सामाजिक लोगों ने शिरकत करते हुए मरहूम हैदर अली नक़वी को श्रद्धान्जली अर्पित की।अब्बास नक़वी ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौक़े पर विभिन्न मातमी अन्जुमनों के लोगों ने भी शिरकत करते हुए स्व हैदर अली नक़वी के लिए दूआ ए मग़फीरत की।