
( अनुराग शुक्ला )
गोवर्धन ( अनुराग दर्शन समाचार )। गोर्वधन पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देव तीर्थ जी महाराज ने भारत की 15वीं राष्ट्रपति बनने पर द्रौपदी मुर्मू को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना दी है। शंकराचार्य जी ने कहा है कि नई राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू के संरक्षण में लोक कल्याण एवं विकास को गति मिलेगी और भारत विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित करेगा। गोवर्धन स्थित आद्य शंकराचार्य आश्रम में चातुर्मास व्रत का अनुष्ठान कर रहे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देव तीर्थ जी महाराज ने कहा कि सरल, सशक्त, कठोर परिश्रम व जनसेवा के लिए समर्पित रहने वाली श्रीमती द्रौपदी मुर्मू नारी-शिक्षा, शौर्य, सशक्तीकरण और जनजातीय स्वाभिमान की प्रतीक बन चुकीं हैं। उनका राष्ट्रपति बनना स्वतंत्र भारत के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है।
जगद्गुरु ने कहा कि पूर्वी भारत के एक दूरदराज के हिस्से में पैदा हुईं आदिवासी समुदाय से आने वाली भारत की बेटी देश की राष्ट्रपति चुनी गयी हैं। श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।गौरतलब है कि द्रौपदी मुर्मू हाल ही में भारत की 15वीं राष्ट्रपति चुनी गईं। देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने आज उन्हें पद ही शपथ दिलाई।
शंकराचार्य आश्रम में चल रहा चातुर्मास व्रत का अनुष्ठान
राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति एवं सनातन धर्म के प्रसार हेतु 52 शक्तिपीठ और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन-पूजन के लिए भारत भ्रमण पर निकले गोर्वधन पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देव तीर्थ जी महाराज गोवर्धन स्थित आद्य शंकराचार्य आश्रम पधार चुके हैं। वह यहां चातुर्मास व्रत का अनुष्ठान कर रहे हैं। इसके बाद वह अगले चक्र की यात्रा प्रारम्भ करेंगे। जगद्गुरु की गौरवमयी उपस्थिति में शंकराचार्य आश्रम में इस समय चातुर्मास व्रत का अनुष्ठान बड़े ही विधि विधान से चल रहा है। विद्वान आचार्यों के नेतृत्व में यहां प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और पूजन, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, भगवान चंद्रमौलेश्वर का अभिषेक और यज्ञादि अनुष्ठान सम्पन्न हो रहा है। देश भर से श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण अनुष्ठान में भाग लेने एवं जगद्गुरु के आशीर्वाद के लिए आश्रम में पधार रहे हैं।