
Koundhiyara Corrupt BEO : कौधियारा से विवादित बीईओ हटाई गई, उच्च स्तरीय जांच शुरू, शिक्षकों से अवैध वसूली, भ्रष्टाचार सहित लगे हैं कई गंभीर आरोप कौंधियारा की विवादित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नीलम शाक्यवार को अंतत: हटा दिया गया है।
उनको अब नगर क्षेत्र में तैनाती दी गयी है जबकि उनके ऊपर लगे गंभीर आरोपों की जांच सहित अन्य कई गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। यह जांच बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद सहित अन्य के आदेश पर दर्जनभर अधिकारियों की टीम कर रही है
जिसकी रिपोर्ट शासन को एक हफ्ते में जानी है। कौधियारा की खण्ड शिक्षा अधिकारी नीलम शाक्यवार थी। इनकी तैनाती कौधियारा ब्लॉक में नवंबर-2022 में हुई है। कौधियारा ब्लॉक के कार्यरत पांच दर्जन से ज्यादा शिक्षक, शिक्षिकाओं, कर्मचारियों , शिक्षक संगठनों और जन प्रतिनिधियों ने बीईओ नीलम शाक्यवार पर गंभीर आरोप लगाये थे। शिक्षकों से अवैध वसूली, विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षामित्र के न जाने पर उसका वेतन जारी करना, शिक्षकों – शिक्षिकाओं को बिना पत्रांक के कार्रवाई करना सहित अन्य गंभीर आरोप थे। जन प्रतिनिधियों, शिक्षक, शिक्षिकाओं ने मामले की शिकायत बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ,बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद, अपर मुख्य सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी, कमिश्नर प्रयागराज विजय विश्वास पंत, डीएम संजय कुमार खत्री और बीएससी प्रवीण कुमार तिवारी सहित अफसरों से किया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विवादित खंड शिक्षा अधिकारी नीलम शाक्यवार के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच का आदेश डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप और एडी बेसिक तनुजा त्रिपाठी को सौंपा है।वहीं दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने पांच दर्जन से अधिक शिक्षक शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों की शिकायत पर मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए दो टीमों का गठन किया है । एक टीम शिक्षा मंत्री तो दूसरी टीम बेसिक के डीजी की बीईओ नीलम शाक्यवार पर लगे गंभीर आरोपों की जांच करके रिपोर्ट देगी।
तीसरी जांच टीम बेसिक शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल चतुर्वेदी, प्रमोद कुमार और हरिकेश यादव की मामले की जांच कर रही है। शिक्षक, शिक्षिकाओं और जन प्रतिनिधियों ने खंड शिक्षा अधिकारी कौंधियारा पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत कमिश्नर प्रयागराज विजय विश्वास पंत और डीएम संजय कुमार खत्री सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अफसरों से किया था उस मामले की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज प्रवीण तिवारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कृष्ण मुरारी सहित अन्य अधिकारी कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि बीईओ नीलम शाक्यवार करीब छह माह से कौधियारा की खंड शिक्षा अधिकारी थी। उनकी कार्य शैली से जन प्रतिनिधियों, शिक्षक, शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश था। वह विद्यालयों का निरीक्षण आधा घंटा पहले ही करने पहुंच जाती थी। शिक्षक, शिक्षिकाएं विधालय आए नहीं होते थे तो उनके रजिस्टर में अनुपस्थित दिखाकर, बिना पत्रांक के नोटिस जारी करने, इतना ही नहीं विद्यालय में अनुपस्थित शिक्षक, शिक्षिका और शिक्षामित्रों का वेतन भी जारी करने, ईएल, सीएल, सीसीएल और मैटरनिटी लीव देने के बदले अवैध वसूली का जनप्रतिनिधियों, शिक्षक, शिक्षिकाओं और शिक्षक संगठनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ,बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद सहित वरिष्ठ अफसरों से शिकायत किया था। सबसे बड़ी बात है कि सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गयी है जिसकी रिपोर्ट शासन को एक हफ्ते मे जानी है।