
सेव द चिल्ड्रेन ने बाल अधिकारों हेतु एक रिपोर्ट काप्रस्तुतीकरण सेव द चिल्ड्रेन भारत में बाल अधिकारों के विमर्श और कार्यवाही को गहरा करने के लिए बच्चो की आवाज को बुलन्द करता है। एमिटी विवि, लखनऊ के साथ मिलकर उच्च स्तरीय विविध हितधारकों के मध्य रिपोर्ट के निष्कर्षों को प्रस्तुत करने हेतु एक साझा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 11 अप्रैल मंगलवार को द राइट्स एण्ड एजेन्सी आफ चिल्ड्रेन इन इण्डिया टी.आर. ए.सी. रिपोर्ट के निष्कर्षों को उच्च स्तरीय हितगामियों के मध्य साझा किया।
रिपोर्ट न केवल अपने अधिकारों की प्राप्ति पर बच्चों की धारणा को सामने लाएगी, बल्कि देश में बाल अधिकारों की वार्षिक स्थिति का आंकलन भी प्रदान करेगी। साथ ही महत्वपूर्ण मुद्दों, अच्छे अभ्यासों, अभिनव माडलों और बच्चों हेतु कार्यक्रम एवं नीतियों के सफल क्रियान्वयन पर विशेषज्ञों के विचार भी संकलित करेगी।
उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा, जो या तो पीछे छूट गये हैं, या फिर विशिष्ट कमजोरियों का सामना कर रहे हैं जैसे कि सड़क परिस्थिति में रह रहे बच्चे सी.आई.एस.एस. बालिकाएं, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर समुदायों के बच्चे आदि। सेव द चिल्ड्रेन बाल रक्षा भारत ने उन मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने के लिए बच्चों की आवाज को उजागर करना, जो उन्हें सबसे ज्यादा चिन्तित करते हैं।
रिपोर्ट के निष्कर्षो के प्रस्तुतीकरण के पश्चात, कार्यक्रम में उपस्थित प्राथमिक शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, यू०पी०एस०सी० पी०सी०आर० और आई०सी०डी०एस० के अधिकारियों को बच्चों के समूह कांषीराम पारा बाल मंच के 11 बच्चों ने अपना माँग पत्र सौंपा। जो गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और भागीदारी के उनके अधिकारों की प्राप्ति पर केन्द्रित रहा।