
प्रत्याशी एक दूसरे की पार्टियों पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप
कहीं उमेश पाल की हत्या भी मुद्दा तो कहीं कानून व्यवस्था
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड प्रयागराज के निकाय चुनाव में भी चर्चा का विषय बना है। खासकर पुराने शहर के वार्डों में अतीक-अशरफ हत्याकांड हर जुबां पर है। हर गली, नुक्कड़, चौराहों पर उमेश पाल से लेकर अतीक के बेटे असद के एनकांउटर फिर अतीक-अशरफ की कस्टडी में हत्या बहस में है।
कई प्रत्याशियों ने तो दबी जुबान में इसे मुद्दे में भी शुमार कर लिया है। उम्मीदवार अपनी अपनी तरह से लोगों को लुभाने के लिए इसकी चर्चा कर रहे हैं। बसपा, कांग्रेस, एआईएमआईएम और आप के प्रत्याशी भाजपा के साथ सपा को घेरे की कोशिश में हैं। ओवैसी की पार्टी का तो सारा प्रचार ही अतीक मामला और सपा के विरोध से शुरू हो रहा है। दलित बस्तियों में उमेश पाल हत्याकांड की बातें सुनाई जा रहीं हैं तो कानून व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है।
हर प्रत्याशी अपने स्तर से संवेदनाओं को भुनाने की कोशिश में है। पुराने शहर के खुल्दाबाद, नूरुल्ला रोड, शाहगंज, नखासकोहना, चौक, सब्जीमंडी, सेंवई मंडी, हसन मंजिल, रानीमंडी, करेली, अकबरपुर, रोशनबाग, चकिया, अटाला, रसूलपुर, बेनीगंज, बहादुरगंज, दरियाबाद, जीरो रोड, जानसेनगंज समेत अन्य दर्जनों क्षेत्र ऐसे हैं जहां निकाय चुनाव में अतीक-अशरफ हत्याकांड का साया साफ नजर आता है।
दबी जुबान में ही सही प्रत्याशी इस मामले पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए वोटरों को लुटाने की कोशिश में हैं। एमआईएम के साथ ही बसपा के बड़े नेता भी कई सभाओं में इस मामले का जिक्र कर चुके। कई इलाकों में इसके उलट गुंडई, दबंगई के खिलाफ कानून के राज की कहानी बताकर वोट मांगे जा रहे हैं।