
Pryagraj : निरोगी जीवन के लिए मोटा अनाज बहुपयोगीः गणेश केसरवानी प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री व उप्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में मोटा अनाज “श्री अन्न” खाए -स्वस्थ रहे व निरोगी रहे* ” के नारे व पोस्टर के साथ प्रधानमंत्री की प्रेरणा से व्यापार मंडल द्वारा वर्ष 2023 को मिलेट्स ईयर अर्थात मोटा अनाज वर्ष मनाया गया। इसके तहत सभी वर्ग के लोगो को मोटा अनाज” श्री अन्न “खाने के लिए प्रेरित व जागरूक करने के उद्देश्य से सिविल लाइंस बस अड्डा पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रयागराज महापौर गणेश केसरवानी द्वारा उद्घाटन करके मोटा अनाज “श्री अन्न” वितरण व जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर आने वालो लोगो को मोटा अनाज मुफ्त वितरित करके इसके खाने के फायदे भी बता कर जागरूक किया गया।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्राचीन भारत में हमारे ऋषि- मुनियों ने मानव कल्याण और मानव जीवन को निरोगी बनाने के लिए अनेकों उपाय किए जिसमें से मुख्य रूप पौष्टिक आहार, जीवन रक्षक औषधि, योग और स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण पेड़ पौधे एवं स्वच्छ जल पर विशेष ध्यान दिया जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वस्थ भारत निर्माण के लिए ऋषि मुनि की परंपराओं को अंगीकार कर रहे हैं यही कारण है।
श्री केसरवानी ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयास से संयुक्त राष्ट्र ने इस वर्ष 2023 को मिलेट्स ईयर (मोटा अनाज वर्ष) घोषित किया है और संयुक्त राष्ट्र के आवाहन पर भारत सहित 72 से अधिक देश इस वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष मना रहे है।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी नेबताया कि मोटा अनाज वितरण में प्रमुख रूप से 700 पैकेट ज्वार, 700 पैकेट बाजरा, 700 पैकेट मक्का के अलावा चना जोधंरीआदि रहे।
अभियान में प्रयागराज महानगर महामंत्री नवीन अग्रवाल, कानपुर से भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने व युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा, राजेश केसरवानी, दुर्गेश त्रिपाठी, रमेश गुप्ता, अब्दुल वहीद, बुंदेलखंड से प्रकाश गुप्ता व राकेश गुप्ता, प्रयागराज से जिलाध्यक्ष अनिल दुबे, युवा अध्यक्ष आयुष गुप्ता, उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता,पुरषोत्तम वैश्य, अभिनव सिंह, अभिषेक सिंह, मो अयूब और लखनऊ सहित महानगरों के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों से व्यापारी शामिल थे।