
लखनऊ के मलिहाबाद में तिहरे हत्याकांड में गिरफ्तार हुए हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर लल्लन खान और उसके बेटे फराज से पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की। लल्लन बोला कि जब वह फरीद के घर पहुंचा तो कहासुनी होने लगी। भतीजी फरहीन गाली देने लगीं। गाली बर्दाश्त नहीं हुई। सनक चढ़ी और गोलियां दागने लगा। लल्लन ने कहा- जिन्हें भी मारा वह सभी मेरे परिवार के हैं लेकिन मुझे कोई अफसोस नहीं है। लल्लन ने पूछताछ में बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद है वह उसकी है।
पैमाइश के दौरान भी खेल किया जा रहा था। इसलिए पैमाइश रोक दी गई थी। लल्लन ने कहा- मुझे पता था कि पैमाइश से लेकर दूसरे पक्ष को भड़काने में फरीद की ही भूमिका रहती है। इसलिए उससे खुन्नस थी। तभी सोचा कि आज इनको सबक सिखा देंगे। इसलिए वह और फराज थार से पहुंचे, जबकि फुरकान व अशरफी बाइक से फरीद के घर पहुंचे थे।
लल्लन के मुताबिक पहले उन लोगों ने मारपीट की। हालांकि फुटेज में ऐसा कुछ नहीं दिखा था। फुटेज से स्पष्ट था कि लल्लन, फराज व अन्य आरोपियों ने ही फरीद के घर धावा बोलकर गोलियां दागी थीं। वह हत्या करने के इरादे से ही वहां पहुंचे थे।
फरीद को भी मार देता लेकिन वह असलहा लेने चला गया था
लल्लन ने कहा कि जब उसने व फराज ने गोलियां दागीं तो हंजला व फरहीन के साथ मुनीर को भी गोली लगी। वह वहीं गिर गए। सोचा था कि फरीद को भी मार देंगे लेकिन वह घर के भीतर असलहा लेने गया था। अंदेशा हुआ कि खुद को भी नुकसान हो सकता है, इसलिए जब तक फरीद व उनकी बहन बाहर आईं, तब तक आरोपी घटना को अंजाम देकर भाग चुके थे। लल्लन बोला अगर हम न मारते तो वो लोग मुझे मार देते।
कुछ बड़े लोगों से मांगी थी मदद
लल्लन के संपर्क में कई नामचीन लोग हैं। जिसमें कई अफसर व नेता भी हैं। सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद उसने कुछ लोगों से संपर्क कर मदद मांगी थी। चूंकि मामला इतना बड़ा था कि किसी ने सीधे तौर पर मदद नहीं की। फुटेज से लेकर सब कुछ सामने ही था। इस वजह से किसी ने भी खुलकर साथ नहीं दिया। पुलिस ने सभी के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए थे। जिससे आरोपियों को पकड़ने में मदद मिली।