
प्रयागराज। परम बलिदानी, महान स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रशेखर आज़ाद जी के अंत्येष्टि स्थल से सम्बंधित मांगों को लेकर हरिश्चंद्रपुर ठेकमा आज़मगढ़ में स्थित आश्रम के महंत बजरंगमुनि उदासीन ने प्रशासनिक आला अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना रवैये से छुब्ध होकर देश के प्रथम नागरिक(राष्ट्रपति), प्रधानसेवक (प्रधानमंत्री), सूबे के मुखिया (मुख्यमंत्री), सूबे के राज्यपाल को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है ।
और अपने रुख कड़े करते हुए कहा है कि अगर आज़ाद जी के अंत्येष्टि स्थल रसूलाबाद घाट को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया गया तो आने वाले समय में अपने सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ आमरण अनशन को बाध्य होंगे।*