
प्रयागराज। चर्चित धर्मगुरु राधे मां की प्रयागराज में लगने जा रहे कुंभ मेले से पहले फिर से जूना अखाड़े में वापसी हो गई है. जूना अखाड़े ने न सिर्फ राधे मां का निलम्बन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है, बल्कि उनकी महामंडलेश्वर की पदवी भी वापस कर दी है. अखाड़े ने यह फैसला राधे मां के लिखित माफीनामे के बाद लिया है.
बता दें कि अखाड़े में बहाली और महामंडलेश्वर की पदवी वापस होने के बाद राधे मां अब न सिर्फ इसी महीने की पचीस तारीख को प्रयागराज कुंभ मेले में होने वाली जूना अखाड़े की पेशवाई में शामिल हो सकेंगी, बल्कि कुंभ के तीनों शाही स्नान में भी अखाड़े की शोभा बढ़ाएंगी.
इतना ही जूना अखाड़ा कुंभ में महामंडलेश्वर के तौर पर राधे मां को ज़मीन व दूसरी सुविधाएं भी मुहैया कराएगा. राधे मां की बहाली का फैसला इसलिए थोड़ा हैरान करने वाला है क्योंकि पिछले साल अखाड़ा परिषद ने उनका नाम फर्जी बाबाओं की लिस्ट में डाला था.
राधे मां उर्फ़ सुखविंदर कौर का निलंबन रद्द करने, उन्हें अखाड़े में बहाल करने और महामंडलेश्वर की पदवी वापस देने का फैसला कुछ दिनों पहले ही जूना अखाड़े की बैठक में किया गया है. जिसकी औपचारिक घोषणा आज प्रयागराज में अखाड़े के संरक्षक महंत हरिगिरि ने की.
उन्होंने बताया कि राधे मां के खिलाफ अखाड़े की कई टीम ने जांच की थी, लेकिन किसी ने भी उनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं पाए गया. इतना ही नहीं उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस भी अब पेंडिंग नहीं है.
उल्लेखनीय है कि भक्तों की गोद में बैठकर अश्लील डांस करने के मामले में राधे मां ने लिखित माफी मांगी है और भविष्य में दोबारा इस तरह की हरकत नहीं करने की बात कही है. इसी आधार पर जूना अखाड़े में फिर से उनकी इंट्री हो गई है.
गौरतलब है कि राधे मां को प्रयागराज में ही छह साल पहले लगे कुंभ मेले से ठीक पहले निलंबित किया गया था. राधे मां के अलावा जूना अखाड़े ने पायलट बाबा की भी घर वापसी कराते हुए उनका निलंबन भी रद्द कर दिया है. उन्हें भी अखाड़े में बहाल करते हुए महांडलेश्वर की पदवी वापस कर दी है.