
प्रतापगढ़। सीताराम धाम जोगापुर में शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित धर्म सभा में बोलते हुए मीतादास आश्रम ठेकमा आज़मगढ़ के महंत बजरंगमुनि उदासीन ने राम मंदिर निर्माण पर प्रश्न किये जाने पर अपने रुख कड़े करते हुए कहा कि राममंदिर हिन्दू धर्म का प्रतीक है, जिसका निर्माण होकर रहेगा ।
उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू इतना शान्तिप्रिय है कि हमेशा उसने अहिंसा की बात की है किंतु अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और शास्त्र अब शस्त्र में परिवर्तित हो गया है।
आगे उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए चाहे इस धर्म युद्ध में हे मेरे प्राण भी जाते हैं तो मुझे प्रसन्नता होगी औऱ चाहे इन विधर्मियों के प्राणों की बलि देकर उनकी लाशों को सीढ़ी बनाकर इस कार्य को करना पड़े तो उनके समर्थक इसके लिए पीछे नहीं हटेंगे।
शायराना अंदाज़ में उन्होंने आगे कहा कि “जो जीभ बाबरी बोलेगी वो जीभ काट दी जाएगी” जैसे ही उन्होंने उक्त बातें कही वहां पर उपस्थित पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।