आतंकी-जासूसों की शरणस्थली बनता जा रहा पश्चिमी उप्र? अब तक पकड़े गए 19 आतंकी

वेब डेस्क। एनआइए, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बुधवार को आतंकी गतिविधियों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में की गई यह पहली कार्रवाई नहीं है। यहां पिछले 15 सालों में 19 आतंकी और 50 जासूस पकड़े जा चुके हैं। पैसों के लालच में ये लोग देश से गद्दारी करते हुए पाए गए हैं। राजधानी दिल्ली से नजदीकी के कारण भी ये आतंकी यहां शरण लेते हैं। ये पहचान छिपाकर यहां आसानी से शरण पाने में सफल हो जाते हैं। पिछले 15 साल में वेस्ट यूपी में 19 आतंकी पकड़े जा चुके हैं और 50 से अधिक पाकिस्तानी जासूस भी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं।

इन संगठनों के आतंकी व जासूस पकड़े गए 
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी गहरी पैठ जमाई हुई है। इसलिए अभी तक पकड़े गए आतंकी व जासूस उक्त संगठनों से जुड़े हुए मिले हैं। वहीं आइएसआइ के एजेंट भी पकड़े गए हैं।

पश्चिम से कई पाकिस्तानी भी गायब
खुफिया विभाग की माने तो पश्चिम से कोई भी पाकिस्तानी गायब नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश से अब भी 20 से अधिक पाकिस्तानी गायब चल रहे हैं। वह पाकिस्तान से आए और गायब हो गए।

सैन्य ठिकानों पर रहा निशाना
देश की दूसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ कैंट, हापुड़ की बाबूगढ़ छावनी, सहारनपुर का एयरफोर्स बेस, गाजियाबाद का हिंडन एयरफोर्स बेस आतंकियों के निशाने पर रहते हैं। वहीं, राजधानी के नजदीक होने का भी आतंकी फायदा उठाते हैं। इसी कारण पश्चिम उत्तर प्रदेश के इन जिलों को ठिकाने के लिए चुना जाता है। हाल ही में मेरठ कैंट से एक जवान को भी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को देते हुए पकड़ा गया था।

बिजनौर बना था नया ठिकाना 
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में सिमी के छह आतंकी विस्फोट करके भागे थे। जानकारों की माने तो पांच सालों में ही बिजनौर जासूस और आतंकियों का नया ठिकाना बना है। यहां से सलीम, नौशाद, जलालुदीन, नासिर, याकूब को पकड़ा। वहीं जहीर, अब्दुल वारिस, शाहबुदीन, अब्दुल हमीद को बिजनौर पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया था।

वेस्ट यूपी में आतंकी कनेक्शन

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