प्रयागराज डेस्क। राजीव शुक्ला के नेतृत्व में यूपी कांग्रेस का अलग मीडिया डिपार्टमेंट काम करेगा. जिसके लिए अलग से एक पूरा सेल बनाया गया है. खास तौर पर सोशल मीडिया पर लोगों तक कांग्रेस के कार्यक्रम पहुंचाने के लिए नए तरीके इजाद किए है.
देश में सबसे ज्यादा लोकसभा की सीटों वाले उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. पूर्वी उत्तरप्रदेश की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के अगले यूपी दौरे से पहले यूपी कांग्रेस पूरी तरह से चाक चौबंद बना दिया गया है. पार्टी के सभी संगठनों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है. युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल, किसान कांग्रेस सभी को प्रियंका गांधी के कार्यक्रम को सफल बनाने की अलग-अलग जिम्मेदारी बांटी गई है. इसके अलावा राजीव शुक्ला के नेतृत्व में यूपी कांग्रेस का अलग मीडिया डिपार्टमेंट काम करेगा. जिसके लिए अलग से एक पूरा सेल बनाया गया है. आगे देखें- कांग्रेस का खास प्लान..
खास तौर पर सोशल मीडिया पर लोगों तक कांग्रेस के कार्यक्रम पहुंचाने के लिए नए तरीके इजाद किए है. सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने 1 दर्जन से ज्यादा सीटों पर सिंगल उम्मीदवार के नाम तय कर लिए हैं. इनमें ज्यादातर सीटें वो हैं, जिसमें पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पहले या दूसरे नंबर पर थी. साथ ही पार्टी ने कुछ बड़े नेताओं को भी इस बार चुनावी मैदान उतारने का फैसला किया है.
आगे देखें- उन नेताओं के नाम और जानें वो कहां से लड़ सकते हैं चुनाव-
पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. चर्चा है कि सलमान खुर्शीद, फर्रूखाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. उनका नाम लगभग तय है..
यूपी की पडरौना रियासत के कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह (आरपीएन सिंह) कांग्रेस उम्मीदवारों की लीस्ट में आगे है. आरपीएन सिंह को कुशीनगर से कांग्रेस अपना प्रत्याशी बना सकती है.
जितिन प्रसाद: धौरहरा लोकसभा सीट शाहजहांपुर से अलग होकर वर्चस्व में आई थी. 2009 में यहां पहली बार चुनाव हुआ जिसमें कांग्रेस के जितिन प्रसाद जीते थे. लेकिन अगले ही चुनाव में चली मोदी लहर में जितिन प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस एक बार फिर उन पर दांव लगाना चाहती है.
प्रमोद तिवारी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी को पार्टी इस बार इलाहाबाद से चुनाव मैदान में उतार सकती है.
राजुकमारी रत्ना सिंह: प्रतापगढ़ की सियासत राजाभैया और राजकुमारी रत्ना सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों घरानों की लोगो में अच्छी पैठ है. राजकुमारी रत्ना सिंह कांग्रेस से हैं. 2014 के चुनाव में रत्ना सिंह को मोदी लहर में अपनादल के कुंवर हरिवंश सिंह के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस इस बार भी रानी रत्नी सिंह को प्रतापगढ़ से मैदान में उतार सकती है.
इमरान मसूद: कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद को पार्टी सहारनपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है.
केशव चंद्र यादव: कांग्रेस बलिया लोकसभा सीट केशव चंद्र यादव को मैदान में उतार सकती है. केशव चंद्र यादव युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.
श्रीप्रकाश जायसवाल: कांग्रेस से पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी कानपुर से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी को मैदान में उतारकर कांग्रेस की ओर से जीत की हैट्रिक लगा चुके श्रीप्रकाश जायसवाल को करारी मात दे दी थी.
अनु टंडन: उन्नाव से सांसद रह चुकीं अनु टंडन पर कांग्रेस एक बाद फिर दांव लगा सकती है. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में अनु टंडन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने साक्षी महाराज को मैदान में उतारा था. साक्षी महाराज ने अनु टंडन को शिकस्त देकर यहां कमल खिलाया था.
पीएल पुनिया: कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया को पार्टी बाराबंकी से मैदान में उतार सकती है.
डॉ. संजय सिंह: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. संजय सिंह को कांग्रेस सुल्तानपुर लोकसभा का टिकट दे सकती है. अभी सुल्तानपुर से बीजेपी के दिग्गज नेता वरुण गांधी सांसद हैं.
डॉ. संजय सिंह: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. संजय सिंह को कांग्रेस सुल्तानपुर लोकसभा का टिकट दे सकती है. अभी सुल्तानपुर से बीजेपी के दिग्गज नेता वरुण गांधी सांसद हैं.
राजबब्बर: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर को पार्टी फतेहपुर सीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़वा सकती है. 2014 के चुनाव में बीजेपी ने यहां से एक तरफा जीत दर्ज की थी और चौधरी बाबूलाल चुनाव जीत कर आए थे.
15/ 16 निर्मल खत्री: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को पार्टी फैज़ाबाद से लोकसभा चुनाव में मैदान में उतार सकती है. फैजाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी के लल्लू सिंह सांसद हैं. लल्लू सिंह ने साल 2014 में सपा को हराकर ये सीट अपने नाम की थी.
प्रदीप जैन आदित्य: 2009 से 2014 तक मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रह चुके हैं. कांग्रेस उन पर एक बार फिर से भरोदा जताते हुए उन्हें झांसी की लोकसभा सीट से मैदान में उतार सकती है.