मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल(सीएसएमटी) से डी.एन.रोड के दूसरी ओर ले जानेवाले फुट ओवर ब्रिज का आधा सीमेंट स्लैब गुरुवार शाम 7.30 बजे भरभराकर गिर गया। इस दुर्घटना में 5 लोगों के मारे जाने और 34 के घायल होने की सूचना मिली है।
जिस समय यह ब्रिज गिरा, ब्रिज पर तो सर्वाधिक भीड़ का समय होता ही है, ब्रिज के नीचे भी उस समय सबसे ज्यादा भीड़ होती है। लिहाजा ब्रिज पर चल रहे लोगों के साथ-साथ उसके नीचे पहुंचे लोग भी इस दुर्घटना की चपेट में आए। मलबे के नीचे आई एक टैक्सी बिल्कुल पिचक गई। मलबे में दबे सभी लोगों को निकाल लिया गया है।घटना के कुछ देर बाद ही घटनास्थल पर पहुंचे दमकल और पुलिसकर्मियों ने घायलों को निकट के सेंट जॉर्ज एवं जी.टी.हॉस्पिटल पहुंचाया।
मरने वाले पांच लोगों में दो महिलाएं हैं। दोनों महिलाएं जी.टी.हॉस्पिटल की कर्मचारी हैं। डी.एन.रोड के ऊपर से गुजरने वाला यह ब्रिज हिमालया ब्रिज के नाम से जाना जाता है, और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन की ओर जानेवाली गली से जोड़ता है। 26/11 के आतंकी हमले के दौरान पाकिस्तानी आतंकी कसाब और उसका साथी इसी ब्रिज से होकर कॉमा हॉस्पिटल पहुंचे थे।।
दक्षिण मुंबई से निकलकर उपनगरीय मुंबई और ठाणे के लिए जानेवाले इसी मार्ग से गुजरते हैं। दुर्घटना के बाद यह मार्ग बंद कर दिया गया है। मलबा हटाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि जुलाई 2018 में अंधेरी रेलवे स्टेशन के निकट भी रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरनेवाला एक पुल गिर गया था। जिसमें पांच लोग घायल हुए थे। सुबह 7.30 बजे वह दुर्घटना होने के कारण पुल पर अधिक भीड़ नहीं थी। इसलिए दुर्घटना से अधिक लोग प्रभावित नहीं हुए। इस पुल की मरम्मत अभी तक नहीं हो सकी है।
वहीं सीएसटी फुटओवर ब्रिज हादसे के बारे में रेलवे ने कहा है कि यह ब्रिज बीएमसी का है। इस हादसे के बाद रेलवे के द्वारा हर संभव मदद की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में टाइम्स ऑफ इंडिया बिल्डिंग के पास हुए फुटओवर ब्रिज के एक हिस्सा गिरने की खबर से बहुत दुखी हूं। बीएमसी और स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहायता के लिए निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि ब्रिज का एक हिस्सा टूटकर गिर गया है। रेलवे और बीएमसी इसकी जांच करेंगे। ब्रिज ठीक हालत में नहीं था, इसमें सिर्फ कुछ मरम्मत की जरूरत थी। काम चल रहा था, ऐसे में लोगों को इस रास्ते से आने-जाने की छूट क्यों दी गई इसकी भी जांच होगी।