प्रयागराज। मीता बाबा आश्रम के महंत बजरंगमुनि ने सर्वप्रथम बूथ पर जाकर बूथ का पहला मतदान किया।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मतदान राज्य के नागरिकों को देश के संविधान द्वारा प्रदत्त सरकार चलाने के हेतु, अपने प्रतिनिधि निर्वाचित करने के अधिकार को मताधिकार कहते हैं। मतदान किसी देश की संजीवनी है जो उस देश की रीढ़ के रूप में कार्य करती है।मतदानबिना किसी दबाव के राष्ट्रीय हित और सम्मान के लिए किया जाना चाहिए और स्वयं मैंने भी यही किया है।जनतांत्रिक प्रणाली में इसका बहुत महत्व होता है। जनतंत्र की नीवं मताधिकार पर ही रखी जाती है। इस प्रणाली पर आधारित समाज व शासन की स्थापना के लिये आवश्यक है कि प्रत्येक व्ययस्क नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मत देने का अधिकार प्रदान किया जाय।
जिस देश में जितने ही अधिक नागरिकों को मताधिकार प्राप्त रहता है उस देश को उतना ही अधिक जनतांत्रिक समझा जाता है। इस प्रकार हमारा देश संसार के जनतांत्रिक देशों में सबसे बड़ा है क्योंकि हमारे यहाँ मताधिकारप्राप्त नागरिकों की संख्या विश्व में सबसे बड़ी है।