साधु-संतो एवं कल्पवासियों को दी जाने वाली सुविधाओं में कटौती न करने के आदेश मेला क्षेत्र में शौचालयों की पर्याप्त संख्या एवं उनमें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे जाने पर जताया संतोष व्यक्त।
प्रयागराज। मंत्री, नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, उप्र आशुतोष टण्डन ‘गोपाल जी’ ने प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह के साथ माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, मण्डलायुक्त डाॅ. आशीष कुमार गोयल, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष टीके शिबू, नगर आयुक्त रवि रंजन, मेलाधिकारी रजनीश मिश्र सहित सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
मंत्री ने संगम नोज पर बनाये गये घाटों का निरीक्षण करते हुए मां गंगा के पवित्र जल से आचमन भी किया। उन्होंने सेक्टर-3 के खाक चैक पर रामानंद ‘ब’ मार्ग पर खाली पड़ी जमीन के बारे में जिलाधिकारी से जानकारी ली, जिसपर जिलाधिकारी ने बताया कि जमीन में कुछ दल-दल है, जिसके कारण इस जमीन पर घाट का निर्माण नहीं किया जा सका है।
जमीन के सूखते ही घाट का निर्माण कराया जायेगा। मेला क्षेत्र में बने शौचालयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति एवं पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में शौचालयों के निर्माण पर संतोष व्यक्त किया।
मा मंत्री संगम लोअर मार्ग होते हुए सेक्टर-5 पहुंचे, जहां पर उन्होंने दण्डी स्वामी के आश्रम में साधु-संतो का कुशलक्षेम पूछा तथा उनसे मेला क्षेत्र में प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
इसी के साथ आश्रम में उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं यथा शौचालय, पानी आदि का निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में मूलभूत आवश्यकताओं की कमी न होने दी जाये। गंगोली शिवाला मार्ग का निरीक्षण करते हुए मार्ग में गंदगी मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मार्ग में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहां कि कुम्भ की भांति ही हमें इस बार भी मेले में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना है। स्वच्छता के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों को माघ मेला भव्यता एवं दिव्यता को बरकरार रखने के निर्देश दिये। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।