रज़ाई और गद्दे के साथ डटे प्रदर्शनकारीयों के धरने के तीसरे दिन भी माहौल रहा गरम

प्रयागराज । रौशन बाग़ में सौ साल की ठण्ड का रिकार्ड असर भी प्रदर्शनकारीयों के हौसले के आगे पस्त हो गया है।प्रशासन के मान मनव्वल के बाद भी लगातार तीसरे दिन भी एन आर सी , सी ए ए, और एन पी आर को लेकर रविवार साँय तीन बजे से शुरु हुआ प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जोश और जज़बे के साथ जारी है।

लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।आन्दोलन की शुरुआत करने वाली बेटी सायरा को समर्थन देने महिलाओं द्बारा अपने और अपने परिवार की खातिर शुरु किए गए प्रदर्शन में बड़ी संख्या मे जहाँ दुधमुहे बच्चों संग महिलाए पहोँच रही हैं वही पुरुष व बूढ़े भी आन्दोलन में बराबर से भागीदारी निभा रहे हैं।

सै०मो०अस्करी ने बताया की खुलदाबाद थाना क्षेत्र के मंसूर अली पार्क में चल रहे प्रदर्शन में तिरंगे झण्डे, भीमराव अम्बेडकर की तसवीर व एन आर सी,सी ए ए और एन आर पी जैसे काले क़ानून को वापस लेने की मांग के लिए शहर के पुराने इलाक़े रौशनबाग़ का ऐतिहासिक मंसूर अली पार्क इस वक्त दिल्ली का शाहीन बाग़ बन गया है।

बख्शी बाज़ार,अटाला,बैदन टोला,दायरा शाह अजमल, करैली, रानी मण्डी,दरियाबाद,रसूलपुर,समदाबाद,हसन मंज़िल, सब्ज़ीमण्डी, बरनतला, अकबरपुर मिन्हाजपुर, सियाहमुर्ग, तुलसीपुर आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में औरतें और मर्द प्रदर्शन स्थल पर पहोँच कर प्रदर्शन मे भाग लेकर अपने ग़ुस्से का इज़हार कर रहे हैं।

क्षेत्रिय पार्षद रमीज़ अहसन,अब्दुल्ला तेहामी,काशान सिद्दीक़ी,मो०हमज़ा आदि प्रदर्शनकारीयों का हौसला बढ़ाने के साथ खाने और पानी के इन्तेज़ाम के साथ चाय और अलाव की व्यवस्था में लगे लोगों की सहायता में दिन रात जूटे हुए हैं।शायर इमरान,अनीस जायसी,रिचा सिंह,नेहा यादव, सन्दीप यादव, निशा शुक्ला, खुशनूमा बानो, अब्बास नक़वी,औन ज़ैदी,ताशू अल्वी, परवेज़ रिज़वी, शाहिद प्रधान, जाफर हसन, शबीह अब्बास जाफरी, मुन्तज़िर रिज़वी, ताहिर हुसैन, अली रिज़वी, आसिफ रिज़वी समेत भारी जनसमूह प्रदर्शन में भाग लेते हुए महिलाओं का हौसला बढ़ाने को डटे रहे।प्रदर्शनकारीयों का कहना है की हम कोई भी दस्तावेज़ नहीं दिखाएंगे।

हम हिन्दुस्तानी हैं और कई पुशतों से यहाँ रह रहे हैं हमारे बाप दादा परदादा नगड़ दादा इसी सरज़मीन पर दफन हैं हम भी इसी ज़मीन पर दफन होंगे लेकिन हम न तो एन सी आर और एन पी आर का विरोध छोड़ेंगे और न ही किसी काग़ज़ात पर हस्ताक्षर करेंगे।हमारा आन्दोलन अन्वरत जारी रहेगा जब तक यह काला क़ानून सरकार वापस नहीं ले लेती।

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