प्रयागराज। श्री नागेशवर घाम शिविर में चल रही श्री राम कथा में श्री मद्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज संरक्षक अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद ने बताया कि ब्राहम्ण कभी दुष्ट नही होते ब्राह्मण अगर वैदिक मार्ग को छोड़ कर अनैतिक मार्ग पर जाय तो वो उसे कुमारगी कहते है ।

प्रयाग माघ मास में चल रही श्री राम कथा में प्रवचन करते हुए कहा कि समाज में दहेज एक कलंक है जो परिवार लड़की पक्ष से दहेज लेने की इच्छा रखते हैं उस परिवार में सुख के पल किनारा कर लेते हैं।
भगवान राम जानकी विवाह का वर्णन करते हुए महाराज जी ने कहा कि आज भी भगवान राम जानकी विवाह की तर्ज पर हिन्दू विवाह होते हैं परन्तु जो कुरीतियों समाज में आ रही हैं वो दूर होनी चाहिये इस से पूर्व प्रात काल के अन्न क्षेत्रों में पधारे संतों को दक्षिणा वितरण स्वामी महेशाश्रम जी महाराज के सानिध्य में किया गया गौरतलब है कि 4 जनवरी से शुरू हुए अन्न क्षेत्र में पधारे संतों को निरंतर दक्षिणा वितरण की जाती है।