कठिन तपस्या का यह रूप देख कर आप भी करेंगे संतों को नमन

प्रयागराज अनुराग शुक्ला। माघ मेला क्षेत्र के संगम की रेती पर बसंत पंचमी पर साधु संतों द्वारा विश्व कल्याण के लिए कठिन तपस्या साधना आरंभ की ।

अग्नि के घेरे के बीच करीब 200 से अधिक संत इस जूना तपस्या में रम गए संगम नोट से लगे महावीर मार्ग पर गंगा पार बसे खाकचौक के त्यागी नगर में धूना तपस्या ब्रह्म मुहूर्त में शुरू की गई चारों तरफ अग्नि का घेरा बनाकर साधक बीच में बैठ गए धूना तपस्या आरंभ करने वाले महात्यागी स्वामी गोपाल दास महाराज ने बताया कि माघ मेला अर्धकुंभ और महाकुंभ में यह तपस्या बसंत पंचमी से आरंभ होती है ।

और यह गंगा दशहरा तक चलता है इस तपस्या में सभी संत त्यागी निर्जल रहते हैं और तपस्या करते हैं धूना तपस्या के बाद ही वह फलाहार करते हैं और भव्य भंडारा का आयोजन किया जाता है।

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