हरिद्वार ( अनुराग शुक्ला )। मेला नियंत्रण भवन हरिद्वार उत्तराखंड में आगामी महाकुम्भ मेला 2021 हरिद्वार उत्तराखंड के विषय में “शाही स्नान तिथी एवं अन्य विषयों पर विचार-विमर्श हेतु उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत , शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक हुई ।

जिसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के समस्त पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक प्रारम्भ हुई । अखाड़ा परिषद की ओर मुख्यत: अध्यक्ष श्रीमहन्त नरेन्द्र गिरि जी महाराज( तपोनिधि श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़ा )
महामंत्री श्रीमहन्त हरि गिरि जी महाराज ( संरक्षक श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा ) ने नेतृत्व करते हुये कुम्भ मेला से सम्बन्धित विषय अखाड़ों तक जाने का मार्ग निर्माण ,अखाड़ों स्थाई निर्माण एवं अन्य समस्त प्रस्ताव मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखे । मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद को अश्वाशन दिया कि तत्कालीन सभी कार्य मेलाधिकारी को अवगत कराके कार्य कुम्भ मेला से पूर्व ही पूर्ण हो जायेगा ।
जैसे प्रयागराज महाकुम्भ उत्तर प्रदेश में योगी जी के नेतृत्व में भव्य दिव्य कुम्भ मेला सम्पन्न हुआ ।उसी प्रकार हरिद्वार उत्तराखंड महाकुम्भ मेला 2021 बहुत भव्य रूप सम्पन्न हो । सभी कार्य तत्तकालीन मेलाधिकारी को सुचित करके सभी प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा पास करके कार्य कुम्भ मेला से पूर्व पूर्ण करने का आश्वासन दिया ।
कुम्भ मेला 2021 की शाही स्नान की तिथियां स्वयं मुख्यमंत्री जी ने श्रीमहन्त नरेन्द्र गिरि जी महाराज , श्रीमहन्त हरि गिरि जी महाराज एवं पदाधिकारियों की सर्व सहमति से मुख्यमंत्री जी ने शाही स्नान की तिथियां निर्धारित करके अखाड़ा परिषद के समक्ष सभी को सूचित किया ।
!! शाही स्नान महाकुम्भ 2021!!
प्रथम शाही स्नान –
11 मार्च 2021 महाशिवरात्री
द्वितीय शाही स्नान –
12 अप्रेल 2021 चैत्र अमावस्या ( सोमवती अमावस्या)
तृतीय शाही स्नान –
14 अप्रेल 2021 वैशाखी
(मेष संक्रान्ति)
चतुर्थ शाही स्नान –
27 अप्रैल 2021 चैत्र पूर्णिमा
सभी तिथियों का सर्व सहमति से निर्धारित की गई सभी पदाधिकारियों ने इसका सम्मान करते हुवे करतल ध्वनि (तालियां) करते हुये सम्मान किया ,श्रीमहन्त हरि गिरि जी महाराज ने मुख्यमंत्री जी ,मंत्री जी एवं उपस्थित सम्मत प्रसासनिक अधिकारों का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से धन्यवाद दिया ।
बैठक में लेखाकार सभापति श्रीमहन्त प्रेम गिरि जी महाराज (अध्यक्ष श्रीपंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा)
सदस्य श्रीमहन्त महेश पुरी जी महाराज (श्रीपंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा) मंत्री श्रीमहन्त सत्य गिरि जी महाराज( श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाडा) सदस्य श्रीमहन्त कैलाश पुरी जी महाराज(श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाडा) संगठन मंत्री श्रीमहन्त मुक्तानन्द ब्रह्मचारी जी महाराज(श्रीपंच अग्नि अखाड़ा) सदस्य श्रीमहन्त सोमेश्वरानन्द ब्रह्मचारी जी महाराज(श्रीपंच अग्नि अखाड़ा) सदस्य श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज(सचिव श्रीपंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी )
सदस्य श्रीमहन्त ओमकार गिरि जी महाराज(सचिव श्रीपंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी मोरी) कोषाध्यक्ष श्रीमहन्त शंकरानन्द सरस्वती जी महाराज(सचिव श्री पंचायती आनंद अखाड़ा ) सदस्य श्रीमहन्त जगदीश गिरि जी महाराज (सचिव श्रीपंचायती आनंद अखाड़ा ) सदस्य श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज( सचिव श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी )
सदस्य श्रीमहन्त रामसेवक गिरि जी महाराज(सचिव श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ) प्रचारमंत्री श्रीमहन्त सत्यम गिरि जी महाराज(सचिव श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा )
सदस्य श्रीमहन्त बलराम भारती जी महाराज(सचिव श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा) सदस्य श्रीमहन्त धर्मदास जी महाराज (अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा )
आय व्यय निरिक्षक श्रीमहन्त मोहन दास जी महाराज (अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा)
उपाध्याक्ष श्रीमहन्त कृष्ण दास जी महाराज (अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनि अखाड़ा )
सदस्य श्रीमहन्त रामकिशोर दास शास्त्री जी (अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनि अखाड़ा)
कानून सलाहकार मंत्री श्रीमहन्त राजेंद्र दास जी ( अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा )
सदस्य श्रीमहन्त राम जी दास जी (अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़ा) मंत्री श्रीमहन्त जगतार मुनी जी (श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा) सदस्य श्रीमहन्त भगतराम जी (श्रीपंचायती नया उदासीन अखाड़ा) प्रवक्ता श्रीमहन्त कोठारी प्रेमदास जी (श्रीपंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा)
सदस्य श्रीमहन्त कोठारी दामोदर दास जी (श्रीपंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा) उपाध्याक्ष श्रीमहन्त देवेन्द्र सिंह शास्त्री जी ( श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा ) सदस्य श्रीमहन्त जसविंदर सिंह जी (श्री निर्मल पंचायती) सहित संत महात्मा उपस्थित थे ।