मुम्बई : देश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। इस वैश्विक महामारी के बीच सरकार के साथ गैर सरकारी संस्थाओं ने आगे आकर गरीबों की हर संभव मदद की है।
गैर सरकारी संस्था “सहायता फाउंडेशन” और “आईपीसी “ने महाराष्ट्र के मुम्बई और बगल के जिलों में फंसे दिहाड़ी मजदूरों और गरीब परिवारों में राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं।उसी कड़ी में आज आईपीसी के अध्यक्ष डॉ परमिंदर पांडेय और सहायता फाउंडेशन संस्था की पूजा अनुराग तिवारी ने गोवंडी में फंसे कुछ मजदूरों की सूचना पाकर मदत के लिए आगे आए।
आईपीसी के महासचिव कृष्णा पांडेय ने बताया कि,संस्था विगत 15 वर्षों से सामाजिक कार्य में लगा हुआ है एवं ऐसे कठिन परिस्थितियों में हर बार बढ़-चढ़ कर गरीबों एवं वंचित समाज के साथ खड़ा रहा है।
सहायता फाउंडेशन के सदस्य प्रभा शंकर शुक्ल ने बताया कि, हमारी संस्था अनौपचारिक है।इसमें कोई पद नहीं रखा गया है।इसका उद्देश्य सिर्फ इस महामारी के वक्त अपने स्तर पर सहयोग के हाथ बढ़ाना है,ताकि कोई भूखा न सोए। राहत सामग्री के पैकेट में चावल, आटा , दाल, नमक, तेल, हल्दी , आलू , प्याज, बिस्किट एवं साबुन रखा गया है। ये पुनीत कार्य जन सहयोग से ही संभव हो पाया है जिसमें कई लोगों ने अपनी स्वेच्छा अनुसार धन राशि इस संस्था को दान दिया है ताकि गरीबों तक जरुरी संसाधन पहुँच सके।
इस राहत सामग्री वितरण में संस्था से जुड़े मुम्बई और आसपास के जिलों के कार्यकर्ताओं ने अपने स्तर से हर संभव मदद करने का प्रयास किया है।
आईपीसी के कार्याध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि, जिस प्रकार ये युवा गरीब समाज के लिए आज अपना सब कुछ छोड़ कर कार्य कर रहे हैं, वो अति सराहनीय है। इससे समाज के प्रति और काम करने का उत्साह वर्धन होता है।
पूजा ने बताया कि,राहत सामग्री वितरण के समय विश्व स्वास्थ संगठन एवं भारत सरकार द्वारा तय मापदंडों को मद्देनजर रखते हुए ही सारे कार्य किए जा रहे हैं जैसे मास्क का प्रयोग, निरंतर अवधी पत सैनिटाइज़र से हाथों को साफ़ करते रहने एवं सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टैन्सिंग) बनाए रखना।
इस राहत वितरण कार्य में अनुराग तिवारी, पूजा अनुराग तिवारी,आदित्य मिश्रा, दुर्गेश तिवारी, धीरेंद्र चौधरी, विनय वर्मा, ऐश्वर्या परदेशी, सचिन निघोट, रूपेश शर्मा और सहयोगी सदस्यों ने हर संभव मदद करते हुए अपना श्रम दान दिया एवं घर-घर जा कर लोगों को इस वैश्विक महामारी से लड़ने का उपाय बताया।