प्रयागराज। ( अनुराग शुक्ला ) यह पहला मौक़ा रहा जब मस्जिदों मे सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने कोरोना खौफ के साए में घरों में रह कर ईद उल फित्र की नमाज़ अदा की।

चौक जामा मस्जिद,चक स्थित शिया जामा मस्जिद,बीबी खदीजा मस्जिद करैली,बख्शी बाज़ार स्थित शाह वसी उल्ला मस्जिद सहित शहर व ग्रामीण ईलाक़ों की हज़ारों मस्जिदों मे लॉकडाउन और प्रशासन के निर्देश पर मात्र पेश इमाम मोअज़्ज़िन व अन्य पाँच लोगों ने ईदुल फित्र की नमाज़ की फर्ज़ अदायगी भर निभाई।
वहीं ज़्यादातर लोगों ने अपने अपने घरों में अपने घर के बड़े बुज़ूर्गों संग साधारण तरीके से रसमे ईदुल फित्र की नमाज़ अदा की।ओलमाओं ने ऑनलाईन खुतबे में ईद की मुबारकबाद देते हुए कोरोना वॉयरस के खात्मे की दूआ करते हुए सभी से ग़रीबों बेसहारा यतीम मिसकीन व ज़रुरतमन्दों की अधिक से अधिक मदद करने की हिदायत दी।
शिया धर्मगुरु मौलाना जव्वादुल हैदर जव्वादी और सुन्नी धर्मगुरु मौलाना मो०आबिद हुसैन ने ऑनलाईन खुतबा पेश करते हुए शासन प्रशासन के प्रति आभार जताया
हिन्दु दोस्तों के ईद पर शामिल न होने से ईद की सेंवई की मिठास भी रही फीकी
भारत विभिन्न धर्मो का देश है और यहाँ अगर मुस्लिम हिन्दू के पर्व और हिन्दू मुस्लिम के पर्व में शामिल न हो तो मज़ा किरकिरा रहता है।लॉकडाउन का असर रहा की मुस्लिम अपने हिन्दू दोस्तों की राह तकते रहे लेकिन कोरोना महामारी ने दो समुदाय को इस से इस खुशी को साझा करने मनाने से दूर रखा जिस्से सेवंई की मिठास फिकी रही।उम्मुल बनीन सोसाईटी के महा सचिव सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ देश मे लगे लॉकडाउन और कोरोना का खौफ और उसमें फंसे मज़दूरों की मौत से सब ग़मज़दा हैं यही कारण रहा की ईद को सिर्फ फर्ज़ अदायगी तक ही निभाया गया।किसी ने भी न तो अच्छे व नए कपड़े बनाए और न ही घरों में तरहा तरहा के व्यंजन बनाए गए।ईद को बेहद सादगी से मनाया गया।
कोरोना के खौफ से नहीं मिले गले एक दूसरे को फूल भेंट कर दी मुबारकबाद
लोगों में कोरोना का खौफ ऐसा था की किसी ने भी गले लग कर ईद की मुबारकबाद नहीं पेश की।मदर टेरेसा फाउण्डेशन की ओर से राहगीरों और दूकानदारों को गुलाब का फूल भेंट कर ईदुल फित्र की बधाई दी गई।फाउण्डेशन के राष्ट्रीय महासचिव मो०शारिक़,महानगर चेयरमैन सै०मो०अस्करी,आक़िब जावेद,मुन्तज़िर रिज़वी,शादाब ज़मन,रौनक़ सफीपुरी,सामिन अब्बास,हसन आमिर,शबीह जाफरी अफज़ल खान आदि ने राह चलते लोगों को गुलाब का फूल देकर ईद की बधाई दी।