प्रयागराज। एक ओर 69 हजार सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग शुरु हो गयी है वहीं अदालत में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के घोषित परिणाम में अंकों के वितरण में असमानता पर राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से जानकारी मांगी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शम्सा बानो व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है।
याचियों के वकील सीमांत सिंह का कहना है कि 06 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई और 08 जनवरी 2020 को इसकी पहली आंसर-की जारी की गई। तब उनके याचियों को क्वालीफाई 90 अंक नहीं मिल रहे थे लेकिन जब 08 मई को अंतिम आंसर-की जारी हुई तो पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गए तीन प्रश्नों के लिए सभी को बराबर अंक दे दिए गए।
जबकि याचियों को इन तीन प्रश्नों के समान अंक नहीं दिए गए जिससे वे क्वालीफाई नहीं कर सके। यदि अन्य अभ्यर्थियों की तरह उन्हें भी इन तीन प्रश्नों के अंक दे दिए जाएं तो वे भी क्वालीफाई कर जाएंगे। कोर्ट ने इस मुद्दे को विचारणीय मानते जानकारी मांगी है। याचिका पर अगली सुनवाई नौ जून को होगी।