प्रयागराज। अदालत ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या सहित पांच आरोपितों को सरकार की वाद वापसी अर्जी स्वीकार कर आरोपों से मुक्त कर दिया।
विशेष न्यायाधीश डॉ. बालमुकुंद ने यह आदेश जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाबचंद अग्रहरी एवं शासन की ओर से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी की दलील को सुन कर दिया। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में यह अर्जी स्वीकार किए जाने योग्य है।
दरअसल, कौशांबी के मंझनपुर थाना प्रभारी जंग बहादुर सिंह ने थाना मंझनपुर में 01 सितंबर 2011 को आईपीसी की धारा 147, 148, 153, 153, 352, 188, 323, 504 व 506 के अंतर्गत केशव प्रसाद मौर्या, विभूति नारायण सिंह, जय चंद्र मिश्र, देवेंद्र सिंह चौहान (इसी दौरान मौत हो गई थी),।
यशपाल केसरी, प्रेमचंद चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की विवेचना के बाद इस मामले में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिया गया। यह पत्रावली विशेष न्यायालय को 23 अक्टूबर 2018 को प्राप्त हुई। उत्तर प्रदेश शासन ने 19 नवंबर 2018 को एक प्रार्थना पत्र देकर मुकदमे को वापस लिए जाने का अदालत से अनुरोध किया था।