राष्ट्र की सुरक्षा के हित में रक्षा उद्योग को बचाने की जरूरत

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) हिंद मजदूर सभा के प्रदेश के पदाधिकारी किला ओ0डी0फोट कर्मचारीयूनियन यूनियन के महामंत्री योगेश चंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के हित में रक्षा उद्योग को बचाने के लिए देश के सम्मानित नागरिकों राजनीतिक पार्टियों ट्रेड यूनियनों तथा अन्य सामाजिक और जनतांत्रिक संगठनों से अपील देश की सुरक्षा के हित में रक्षा उद्योग के संस्थाओं का निजी करण की मंशा को रक्षा कामगारो के आंदोलन को एकमात्र जमीनी आंदोलन नहीं माना जा सकता है।

, रक्षा कर्मचारियों के अन्य महासंघ आल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फडरेशन और दोनों फैडरेशन के साथ एसोसिएशन को एक साथ एक मंच पर लाने का प्रतिकूल परिस्थितियों में एक साथ मिलकर एक मंच पर देश की सुरक्षा को ध्यान में देकर मौजूदा परिवेश में देश के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की सेनाएं हमारी संप्रभुता पर आंखें गड़ाए हुए हैं।

जिसको मद्देनजर देखते हुए आयुध संस्थानों को मौजूदा परिवेश में रक्षा उद्योग को और मजबूती के साथ इसके विकास में योगदान देना चाहिए ना कि इसे निजीकरण की ओर ले जाकर कारपोरेट रक्षा उद्योग के कि घरानो उनके हाथों में सपने का मंसूबा को रक्षा क्षेत्र की तीनों फेडरेशन ने एक मंच पर आकर सरकार को झुकाने का हर प्रयास करेगी।

, और इसे और मजबूत और संयुक्त आंदोलन के द्वारा हर प्रयास किया जाएगा सरकार अपने इस निर्णय को वापस ले क्योंकि एक राष्ट्रीय मुद्दा है देश के प्रत्येक सम्मानित नागरिकों से जुड़ा है इसलिए किसी भी को लाभ पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

राष्ट्र की सेनाओं को उनकी आवश्यकताओं के लिए उन्हें निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र उनकी बहुराष्ट्रीय कंपनियां की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता डीआरडीओ एवं अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों राष्ट्र की सेनाओं के बीच के लिए जो संबंध राष्ट्रप्रेम की बुनियाद पर टिकी हुए हैं इस तरह के बुनियादी संबंध को राष्ट्र की सेनाओं और निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए बीज विकसित नहीं हो सकती है इसलिए हम सभी राजनीतिक पार्टियों सेंट्रल ट्रेड यूनियनों डिफेंस के संसदीय समितियों के सदस्यों से अपील करते हैं ।

सरकार के उस निर्णय को वापस कराने में हमारा सहयोग करें जिससे रक्षा कामगारों भविष्यको घोर आघात होगा और सरकार के निर्णय के द्वारा आए दिन आयुध निर्माणी में बन गए उत्पादों आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए खरीदने का जो रास्ता दिखाने का फैसला लिया है सरासर देश के कामगारों केअस्तित्व पर करारा प्रहार है और रक्षा क्षेत्र में49% से बढाकरके 74% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश निजी भागीदारी वाले सरकार के निर्णय में बदलाव के लिए आप हमारे आंदोलन को अपना समर्थन दें जिससे राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में न पड़ने दें।

सरकार के द्वारा हमेशा ही अब प्रचारित किया गया कि हमें अपनी सेनाओं की समारिक आवसकक्ताओं के लिए 70% इससे ( मुख़त लड़ाकू विमान वारशिप सबमरीन )के लिए हमें विदेशी कंपनियों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है जबकि सरकार को चाहिए इन उत्पादों को आयात करने के लिए आयुध संस्थान पर उत्पादों की तकनीकी को टी0ओ0टी0 के माध्यम से देश में लाया जाए तथा तकनीकी के आधार पर बने उत्पादों को सरकार के नियंत्रण वाले रक्षा प्रतिष्ठानों में बनाए जाने के लिए संसाधनों को विकसित और विस्तारित किया जाए ।

इसी अवधि में सरकार ने स्वयं कोरोना संक्रर्मण मे आयुध निर्माणी बोर्ड को प्रोत्साहित बचन बोले हैं कारगिल काल में और आयुध निर्माणी के कर्मचारियों को भारत सरकार के राष्ट्रपति श्री के0 आर0 नारायण के द्वारा प्रोत्साहन और उसकी प्रशंसा की कसीदे भी पढ़े गए थे संसद मे जिससे सभी कर्मचारी गौरवान्वित थे इसी अवधि के दौरान सरकार को डीआरडीओ आए दिन बीटी0 ओ0 टी0 के माध्यम से प्रोत्साहन देते हुए और तकनीक को विकसित करने में सहयोग देना चाहिए आज जब हमारा देश अंतरिक्ष तथा मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में उच्च शिखर पर है तुम्हारा अच्छा उद्योग क्यों नहीं शिखर पर पहुंच सकता है।

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