
प्रयागराज। विधि छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने देशभर के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति व रजिस्ट्रार के साथ-साथ विधि शिक्षा के सभी केन्द्रों के प्राचार्य, डीन व विभागाध्यक्षों को गाइडलाइंस जारी कर कहा है।
कि वे विधि छात्रों को उनके पिछले शैक्षिक परिणाम और वर्तमान वर्ष के आंतरिक परीक्षाओं में प्राप्त अंक के आधार पर प्रोन्नत कर दें।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के जनरल काउंसिल की 26 मई को हुई बैठक में यूजीसी द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुक्रम में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव श्रीमंतो सेन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सिर्फ तीन वर्षीय विधि पाठ्यक्रम, पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित करायी जाएं।
वैसे छात्रों के लिए विश्वविद्यालय या संस्थान परीक्षा के दूसरे विकल्प भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो ऑनलाइन परीक्षा दे पाने में असमर्थ हैं। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि संस्थान खुलने के एक माह के भीतर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित करा लें।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यूजीसी के विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालयों को कोविड-19 के मानकों का पूर्णतया पालन करना होगा। इसमें परिसर, कक्षाओं और परीक्षा कक्षों में सोशल डिस्टेंसिंग और उनका समय-समय पर सैनेटाइजेशन कराना भी शामिल है।