उप्र लोक सेवा आयोग की भर्तियों में भ्रष्टाचार का मामला: चार भर्तियों में सीबीआई ने दर्ज की पीई

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कर रही सीबीआई को सपा शासनकाल के दौरान हुई चार और भर्तियों में अनियमितता के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। सीबीआई ने इन भर्तियों की जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए इसकी गहन छानबीन के लिए चारों भर्तियों में पीई यानी प्रिलिमनरी इंक्वायरी दर्ज किया है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक किसी मामले की जांच में पीई तब दर्ज की जाती है, जब उसमें गड़बड़ी का कोई साक्ष्य मिलता है।

जांच अधिकारी की आख्या पर पीई सीबीआई के वरिष्ठ अफसर के निर्देश पर दर्ज की जाती है। अब इन भर्तियों की जांच का जिम्मा सीबीआई के अलग-अलग डिप्टी एसपी को सौंपा जाएगा, जो सीबीआई इंस्पेक्टरों की अपनी टीम की मदद से खास तौर से इन भर्तियों में मिली अनियमितता की शिकायतों की ही जांच करेंगे।
पीसीएस जे 2013, आरओ-एआरओ 2013 और लोअर सबआर्डिनेट 2013 के साथ ही मेडिकल अफसर की एक सीधी भर्ती में सीबीआई टीम को अनियमितता मिली है।

इससे पूर्व पीसीएस 2015 और एपीएस 2010 में अनियमितता मिलने के बाद पीई दर्ज हो चुकी है। जिसकी सीबीआई टीम गहनता से जांच कर रही है। पीसीएस 2015 में गड़बड़ी के मामले में सीबीआई एफआईआर भी दर्ज करवा चुकी है, अज्ञात लोगों के खिलाफ यह एफआईआर मॉडरेशन और स्केलिंग में गड़बड़ी मिलने के बाद मई 2018 में दर्ज कराई गई थी।

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