केमिस्ट्री अंतराष्ट्रीय वेबिनार में मुंबई की कृति को मिला पहला स्थान

प्रयागराज। ई.सी.सी. रसायन शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय अंतर्रष्ट्रिया वेबिनार का आज अंतिम दिन था। कार्यक्रम के संयोजक डा. जस्टिन मसीह ने सात दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में अमेरिका, कनाडा, चीन, सिंगापुर, फ़िनलैंड, स्वीडन, इत्यादि देशों के अतिथि वक्ताओं ने व्याख्यान प्रस्तुत किया और भारत वर्ष के अनेकों प्रांतों के ७०० से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में पी.डी.एम. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़. बख्शी ने भारत में प्रयोग होने वाली शिक्षा के नये प्रयोगों की चर्चा की। इस बात पर भी चर्चा हुई की आइ.सी.टी. के इस्तेमाल से विषय वस्तु को विद्यार्थियों तक कैसे पहुँचाया जाए ताकी स्वयं-शिक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के कई ऐसे कार्यक्रमों में ६००० से अधिक शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है। उन्होंने इस बात पर दबाव दिया की शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए कई नए कार्यक्रमों जैसे केम-टोक की तय्यारी की जा रही है। आज पहले सत्र में कनाडा ले डा. सेंथिल ने बायोइंफ़ोरमटिक्स का कोरोना के उपचार में इस्तेमाल पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। अगले सत्र में डा. अनिल कुमार सिंह ने क्वांटअम फ़िज़िक्स पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कम्प्यूटर विज्ञान द्वारा कोविड जैसे कई अवस्थाओं का सामना करने में कारगर साबित होगा। विद्यार्थियों के विशेष सत्र में क़रीब २० विद्यार्थियों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किये जिनमें से ३ शीर्ष विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा। इस सत्र की सभी विद्यार्थियों ने बहुत अधिक सराहा। कार्यक्रम में ई.सी.सी. के प्राचार्य डा. मोसेस ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और रसायन शास्त्र विभाग के सभी सदस्यों का धन्यवाद भी किया। कार्यक्रम में डा. ललित, डा. डेविड, डा. शिखी, डा. शारदा, डा. अभिनव, डा, क्रंथी, तथा अन्य विभागों और महविद्यालयों के शिक्षक उपस्थित थे।

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