मूल्यों के अनुरूप जीवन जीने वाला श्रेष्ठः प्रो. रजनीश

प्रयागराज। एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से गुरुवार को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मानव और मूल्यों का रूपांतरण विषयक वेबिनार हुआ। वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने कहा कि बौद्धिकता और अनुभूति के धरातल अलग-अलग हैं।

मनुष्य संसार में श्रेष्ठतम तब तक है जब तक मूल्यों के अनुरूप जीवन जीता है। इंडियन काउंसिल ऑफ फिलॉस्फिकल रिसर्च नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. रमेश चन्द्र सिन्हा ने मूल्य निर्माण में समाज की भूमिका को बताते हुए नैतिकता को जीवन में आवश्यक बताया।

इविवि के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. ऋषिकांत पांडेय ने कहा मानव केवल भौतिक संरचना नहीं उसकी आध्यात्मिक सत्ता भी है। इस अवसर पर रश्मि रंजन, हेमंत कुमार मिश्र, पूजा त्रिपाठी और शुभम मिश्रा के अलावा एडीसी की डॉ. तनुजा तिवारी ने शोध प्रपत्र प्रस्तुत किया।

प्राचार्या डॉ. लालिमा सिंह ने विषय विशेषज्ञ सहित समस्त प्रतिभागियों का स्वागत किया। दर्शनशास्त्र विभाग की समन्वयक डॉ. मंजरी शुक्ला ने विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. श्रद्धा राय और धन्यवाद उप प्राचार्या डॉ. अल्पना अग्रवाल ने किया।

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