पूर्व मुख्यमंत्री के जयन्ती पर हवन-परिचर्चा

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार) । स्वर्गीय राम नरेश यादव स्मारक सेवा संस्थान के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश /छतीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय राम नरेश यादव की जयन्ती के अवसर पर दयानन्द पब्लिक स्कूल मीरापुर के सभागार में समाजिक दूरी का पालन करते हुए परंपरागत हवन एवं उनके जीवन पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।
स्वर्गीय राम नरेश यादव के जीवन पर परिचर्चा करते हुए संस्थान के महामंत्री हीरा लाल यादव ने कहा कि राम नरेश यादव व्यक्ति नही व्यक्तित्व थे उनका पूरा जीवन सादगी एवं उच्च विचार से ओतप्रोत था
।बाबू जी समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया के विचारधारा के समर्थक थे, यही कारण रहा कि वो किसानों,गरीबों एवं असहायों के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे और देश-प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर रहने के बावजूद वो हमेशा उन लोगो के लिए सदैव सहज उपलब्ध रहते थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने किसानों को 18 घंटे बिजली देने का काम किया, जिसके लिए उन्होंने देश के बड़े उधोगपति की एल्मुनियम के बर्तन बनाने वाले कारखानों की बिजली कटवा दी।
जिसका नतीज़ा रहा कि उनको अपनी सरकार बचाने के लिए कई बार विश्वास मत प्राप्त करना पड़ा।
अधिवक्ता कुँवर शेखर कुमार ने कहा कि राम नरेश यादव सच्चाई, सादगी और ईमानदारी के प्रतीक रहे है।
वो अधिवक्ता, शिक्षक और नेता जिस रूप में भी रहे उसे कुशलता और ईमानदारी के साथ उसका निर्वाहन किया।
इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक क्षेत्र के प्रत्याशी सुनील यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछडो के असली मसीह थे बाबू जी मंडल कमीशन से पहले ही उन्होंने सरकारी नौकरी और प्रमोशन में 15% आरक्षण दे कर उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व प्रदान करना उनका ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय था।
कार्यक्रम में राजेश कुमार, सुप्रिया सिन्हा, अनुज यादव, अंकित सिंह यादव आदि लोग उपस्थित रहे।




