सुप्रीम कोर्ट का केस पढ़कर पक्ष रखें सरकारी वकीलः हाईकोर्ट

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती 2018 की शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल घोषित होने के बावजूद चयनित नहीं करने को लेकर दाखिल याचिका पर सरकारी वकील को सुप्रीम कोर्ट के राम कुमार गिरोजया केस पढ़कर पक्ष रखने को कहा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने अनस अनवर की विशेष अपील पर दिया है।
याची के अधिवक्ता प्रशांत मिश्र का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रोविजनल चयन सूची जारी होने से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र जमा किया जा सकता है, इस पर एकलपीठ ने विचार नहीं किया है। जिसके बाद यह विशेष अपील दाखिल की गई है। याची को परीक्षा में सफल घोषित होने के बावजूद अंतिम परिणाम में शामिल नहीं किया गया है। ऐसा जाति प्रमाणपत्र समय से न पेश करने के आधार पर किया गया है। जबकि याची ने परिणाम घोषित होने से पहले प्रमाणपत्र जमा कर दिया था। अपील पर अगली सुनवाई नौ सितम्बर को होगी।



