हर दो वार्ड पर बने एक क्लीनिकः हाईकोर्ट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मामले में सुनवाई

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के नगर आयुक्त को शहर में प्रत्येक दो वार्ड के लिए एक क्लीनिक स्थापित करने का निर्देश दिया है। कहा कि राज्य सरकार वहां डॉक्टर व स्टाफ तैनात करें। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने इसके लिए कोर्ट को आश्वासन दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारंटीन सेंटरों की दुर्दशा व अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने नगर आयुक्त को सड़क व सड़क पटरी पर स्थित निर्माण ध्वस्तीकरण के सभी कानून पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही उनसे पूछा है कि सड़क किनारे धार्मिक सहित अन्य निर्माण कैसे बने हुए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसआरएन में वाईफाई सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विमल कांत को सेनिटाइजेशन, फॉगिंग, सड़कों की मरम्मत व नालों की सफाई की निगरानी करने का आदेश दिया है। एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा व शुभम द्विवेदी ने शहर से अतिक्रमण हटाने से संबंधित रिपोर्ट पेश की, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई में विचार करने को कहा है।
पान गुटखा खाकर थूकने वालों पर हो कार्रवाई
प्रयागराज। अधिवक्ता एसके गर्ग ने कहा कि पान-गुटखा खाकर थूकने से कोरोना फैल रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पेन्डेमिक रूल्स व गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने का निर्देश दिया है और कहा है कि पान गुटखा थूकने पर कार्रवाई की जाए।
वार्डों में जायजा लेकर पेश करें रिपोर्ट
प्रयागराज। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने प्रयागराज के 80 वार्डों के लिए नियुक्त 24 एडवोकेट कमिश्नर की सूची दाखिल की। कोर्ट ने सभी एडवोकेट कमिश्नरों से कहा कि क्षेत्रीय पार्षद के साथ वार्डों में सोशल डिस्टेन्सिंग एवं मास्क पहनने के नियम का पालन का जायजा लें। जो लोग इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनकी रिपोर्ट जोनल अधिकारी को दें। जोनल अधिकारी नगर आयुक्त को रिपोर्ट अग्रसारित करेंगे और नगर आयुक्त अपनी रिपोर्ट एसएसपी को दें, जो दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। यह भी कहा कि यदि पार्षद सहयोग नहीं करते तो इसकी रिपोर्ट की जाए।




