बुंदेलखंड में सरकारी योजनाओं का लाभ देने की याचिका पर सरकार को नोटिस

प्रदेश डेस्क। सूखे और भुखमरी की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड के गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुंदेलखंड के गरीबों को एक, दो या पांच रूपये में भोजन देने की योजना पर अमल करने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से दो हफ्ते में हलफनामा मांगा है।
यह आदेश जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस हर्ष कुमार की खंडपीठ ने बुंदेलखंड अधिवक्ता संघ की याचिका पर दिया है. मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।
याचिका में सूखे से पीड़ित बुंदेलखंड को राहत देने की मांग की गयी है और कहा गया है कि जिला जज की निगरानी में राहत योजना को लागू किया जाए. याचिका में तालाबों की खुदाई किये जाने और खनन में मशीनों का प्रयोग रोके जाने की भी मांग की गयी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार सब्सिडी योजनाओं को बंद कर गरीबों को भोजन देने की योजना पर अमल करे।
कोर्ट ने यह भी कहा कि योजना को पंचायत स्तर से शुरू कर ग्राम स्तर तक लाया जाये और झोपड़ियों तक भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी गांव के लोगों को दी जाए. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मुख्य सचिव 5 मार्च को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल नहीं करते तो कोर्ट में उपस्थित हों.


