तीन माह तक नाना संग रहेगी मासूम, मां की संदिग्ध मौत व पिता को जेल के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। बलिया जिले के डोकटी थानाक्षेत्र में एक मां की संदिग्ध मौत और उसकी हत्या के आरोप में पिता के जेल जाने के बाद चार वर्षीय मासूम की देखभाल को लेकर ससुराल व मायका पक्ष हाईकोर्ट तक आ गए। कोर्ट ने मध्यस्थता केन्द्र के सहारे आपसी सुलह से मासूम को तीन महीने के लिए नाना के साथ रहने की बात तय करा दी है।
बच्ची के रिश्तेदार कानूनी लड़ाई में उलझ गए। ऐसे में बच्ची को सहारा देने के लिए हाईकोर्ट ने पहल की और मामला दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह के बाद निपटा। फिलहाल मध्यस्थता और कोर्ट के दखल के बाद तीन माह तक बच्ची अपने नाना के साथ रहेगी।
याची के अधिवक्ता निर्भय कुमार भारती के अनुसार मासूम की मां की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायके वालों ने दहेज हत्या व दहेज उत्पीडऩ का केस दर्ज कराया, उसके पिता को जेल भेज दिया गया। उसके बाद से मासूम अपने बाबा व दादी के पास थी। बाबा ने बच्ची को ननिहाल वालों को देने से इनकार कर दिया।
उधर, मासूम के नाना बृजेश कुमार सिंह ने नातिन को अपने साथ रखने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने दोनों पक्षों को आपसी सुलह समझौते से बच्ची की कस्टडी तय करने का निर्देश दिया। कोर्ट के हस्तक्षेप पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता केंद्र में वार्ता हुई। मध्यस्थों की मौजूदगी में तय हुआ कि मासूम फिलहाल अगले तीन माह तक अपने नाना बृजेंद्र कुमार सिंह के पास रहेगी।



