वीसी, प्राक्टर, डीएम व एसएसपी को भेजी लीगल नोटिस

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ने जेल से बाहर आने के बाद कुलपति प्रो. आरआर तिवारी, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह, डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी, एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी और नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक पीएन पांडेय को लीगल नोटिस भेजा है।
जेल से बाहर आते ही इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ने खोला मोर्चा
साथ ही मामले की शिकायत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से भी की है। विदित हो कि महिला हॉस्टल को खोले जाने की मांग को लेकर गत गुरुवार की आधी रात बाद जेल गईं ऋचा सिंह व अन्य चार छात्राएं शनिवार की सुबह रिहा हो गईं।
छात्राएं हॉस्टल में प्रवेश की मांग को लेकर गुरूवार को कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी थीं। काफी मान-मनौवल के बाद भी जब मामला नहीं बना तो एसपी सिटी दिनेश सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और ऋचा, साक्षी, एकता, प्रियंका, शिवानी, शरद शंकर मिश्र, सत्यम कुशवाहा और अनीश यादव को हिरासत में ले लिया।
देर रात चीफ प्रॉक्टर की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आधी रात बाद सभी को जेल भेज दिया।
ऋचा सिंह ने कहा कि वह शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठी थीं। कुलपति कार्यालय में लगे सीसीटीवी से इसकी पुष्टि भी की जा सकती है। यह हाईकोर्ट के गाइडलाइन का उल्लंघन है। हद तो तब हो गई जब कोर्ट ने जमानत दिया फिर भी जेल अधीक्षक ने रिहा करने से इनकार कर दिया।
उधर, कुलपति प्रोफेसर आरआर तिवारी ने कहा कि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को जहां भी शिकायत करना है वह कर सकती हैं, यह उनका अधिकार है। मुझे इस प्रकरण में कुछ भी नहीं कहना है।



