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पीडीए व नगर निगम के होते स्मार्ट सिटी लिमिटेड क्यों?

शहर के विकास व सुंदरीकरण मामले में हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

कहा, शौचालय पीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार बन रहे या नहीं

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीडीए व नगर निगम के रहते शहर के विकास व सुंदरीकरण के लिए प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सेवा लेने के औचित्य पर सवाल उठाया है। साथ ही इस संदर्भ में जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि जब प्राधिकरण व नगर निगम है तो स्मार्ट सिटी लिमिटेड से शौचालय बनवाना समझ से परे है। कोर्ट ने पूछा है कि शहर में विभिन्न जगह बन रहे शौचालय पीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार बनाए जा रहे हैं या नहीं। साथ ही कहा कि शहर का सुंदरीकरण हो, न कि सुंदरता नष्ट कर दी जाए। शौचालय छोटे बनें। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कोविड मामले की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
हाईकोर्ट ने कानपुर रोड से अतिक्रमण हटाने व लाइटिंग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सिविल लाइंस व्यापार मंडल को अपने वाहन मल्टी लेवल पार्किंग में ही रखने का निर्देश दिया है। व्यापार मंडल के सचिव ने इस आशय का शपथपत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सभी सदस्यों से इस बात का हलफनामा मांगा है कि वे पार्किंग में ही वाहन रखेंगे।
कोर्ट ने पीडीए व नगर निगम से सिविल लाइंस की दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट आदि के नक्शों का पुनरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह देखने को कहा है कि जिन नक्शों में पार्किंग है, उसका उपयोग क्यों नहीं हो रहा है। अपर महाधिवक्ता ने बताया कि एसआरएन अस्पताल का दूसरा गेट 10 दिसंबर तक चालू हो जाएगा। फंड की कमी आड़े आ रही है। इस पर कोर्ट ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा व अपर मुख्य सचिव चिकित्सा को तीन दिन में फंड मुहैया कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कैंटोनमेंट एरिया में पब्लिक को आने जाने की अनुमति देने के मामले में कानून पेश करने को कहा है।

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