डिजिटल लाइब्रेरी हाईकोर्ट में स्थापित होगी – मुख्यमंत्री

हाईकोर्ट में एक छोटा चिकित्सालय व आवास की मांग
न्याय जितना सरल होगा उतना अच्छा रहेगा। वादकारी के हित की रक्षा को सर्वोपरि

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अधिवक्ता परिषद और बार एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित अधिवक्ता समागम 2020 में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार की मांग पर डिजिटल लाइब्रेरी हाईकोर्ट में स्थापित करने का निर्देश दिया । मुख्यमंत्री ने विधि मंत्री बृजेश पाठक को वकीलों पत्रकारों और गरीबों के लिए सरकारी जमीनों पर कम दाम पर आवास निर्माण किए जाने की बात बताई। पूर्व में बार और सेल की तरफ से उनके अध्यक्षों ने एक मांग की थी। जिसमें वकीलों को आवास की सुविधा देने की बात कही गई थी। इस पर मुख्यमंत्री जी ने उक्त बातें कहीं। हाईकोर्ट में एक छोटा चिकित्सालय की मांग की गई जिस पर स्थान देने की बात की गई। बार के अध्यक्ष अमरेन्द्र नाथ सिंह ने अपने भाषण में वकीलों की सिर्फ आवास की समस्या को उठाया। जब कि बार काउंसिल के अध्यक्ष जानकी शरण पांडे ने कोरोना काल में वकीलों के समक्ष खड़ी चुनौतियों और संकट का विस्तार से हवाला देते हुए कहा कि सरकार को वकीलों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने वकीलों की अन्य समस्याओं को भी उठाया।
पूरा राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता केसरीनाथ त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि प्रदेशभर के सभी माध्यमिक कॉलेजों में अधिवक्ताओं की नियुक्ति हो जिससे हाईकोर्ट में वाद की संख्या घटे। उन्होंने अधिवक्ताओं की आवाज की भी समस्या उठाई।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में विस्तार से कोरोना कॉल और सरकार की उपलब्धियों को बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को यहां कहा कि बार व बेंच की भूमिका महत्वपूर्ण है। न्याय जितना सरल होगा उतना अच्छा रहेगा। वादकारी के हित की रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए कई काम किए जाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याएं दूर कराने के लिए सरकार उनके साथ चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को आवासीय सुविधा दी गई है। 600 करोड़ रुपये चेंबर बनाने के लिए दिए गए हैं। लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुरूप तीन साल तक नए अधिवक्ताओं के लिए पांच हजार रुपये देने का प्रावधान बजट में किया गया है। तहसील के वकीलों के चेंबर के लिए भी धन दिया गया है। गरीब व शोषित लोगों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है। अधिवक्ता संगठनों को भी इसके लिए काम करना चाहिए। केपी कालेज ग्राउंड में हुए अधिवक्ता समागम में उन्होंने कहा कि रूल आफ ला हम सबकी प्राथमिकता है। माफिया व अपराधियों पर की जा रही कार्रवाई को वाजिब बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया व अपराधियों की संपत्ति जब्त कर उसे गरीबों मेंं बांटा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण माफिया से छुड़ाई गई जमीन पर आवासीय योजनाएं बनाकर उसका आवंटन अधिवक्ताओं के साथ-साथ पत्रकारों में नो लास, नो प्राफिट के आधार पर करे।




