तारा लगाकर संदेश देंगे कि उनके घर में प्रभु यीशु का जन्म हुआ है

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। मानवता के रक्षक मसीही समुदाय के आराध्य प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव गुरुवार यानी आज मध्यरात्रि को मनाया जाएगा। इसके मद्देनजर चर्चों की भव्य सजावट की गई। हर चर्च आकर्षक विद्युत लाइटों से जगमगा रहे हैं।
मध्य रात्रि में होगी प्रार्थना, कटेगा केट प्रभु यीशु के जन्म पर बाइबिल का पाठ होगा।
मसीही समुदाय के लोगों को चर्च में मास्क लगाकर आने का निर्देश दिया

आज सूर्यास्त के बाद चर्चों की मनोरम छटा देखते ही बनेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए क्रिसमस पर अबकी चर्चों में कुछ पाबंदियां लगी हैं। भीड़ एकत्र न हो उसका विशेष निर्देश दिया गया है। एक परिवार के लोगों की एक साथ बैठने का प्रबंध किया गया है। उनके साथ दूसरा व्यक्ति नहीं बैठ पाएगा। वहीं, प्रोटेस्टेंट मसीही पत्थर गिरजाघर में प्रार्थना करने के लिए एकत्र होंगे। यहां रात 11.30 बजे से प्रार्थना शुरू होगी। इसके अलावा हर चर्च में रात 11 बजे के बाद से प्रार्थना शुरू हो जाएगी। मध्यरात्रि अर्थात 12 बजे के बाद प्रभु यीशु मसीह के जन्म होने की खुशी मनाते हुए बाइबिल का पाठ होगा। केक काटकर कैरल सिंगिंग की जाएगी। क्रिसमस पर हर वर्ष मसीही समुदाय के लोग घर-घर जाकर गायन करके प्रभु यीशु मसीह के जन्म की खुशियां मनाते थे। लेकिन, कोरोना के कारण अबकी ऐसा आयोजन नहीं हो रहा है। मसीही समुदाय के लोगों को चर्च में मास्क लगाकर आने का निर्देश दिया गया है। बिना मास्क प्रवेश नहीं मिलेगा। एक परिवार से एक लोग को आने की अपील की गई है। जिन्होंने पहले से आने की सहमति दी है सिर्फ उन्हीं को प्रवेश मिलेगा।
भीड़ एकत्र न हो उसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हर चर्च में 80 से सौ लोगों को अंदर प्रवेश देने का लक्ष्य है। इससे अधिक भीड़ होने पर लोगों को चर्च के बाहर रुकना पड़ेगा।
मसीही समुदाय के लोग अपने घरों में एक तारा लगाएंगे। वह तारा प्रभु यीशु के जन्म होने का प्रतीक है। तारा लगाकर संदेश देंगे कि उनके घर में प्रभु यीशु का जन्म हुआ है। आज मध्य रात्रि में होगी प्रार्थना, कटेगा केट, कैरल सिंगिंग भी होगी। प्रभु यीशु के जन्म पर बाइबिल का पाठ होगा।




