समाज को महिलाओं के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता- महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी
इलाहाबाद। निराला आर्ट गैलरी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सामाजिक एवं धार्मिक बिम्ब विषय पर पहल संस्था द्वारा आयोजित तीन द्विवसीय छाया चित्र प्रदर्शनी के समापन पर छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन इलाहाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक आर.एन.विश्वकर्मा , अपर सचिव प्रशासन शिव लाल , पूर्व डायट प्राचार्य राजेन्द्र प्रसाद , विनीता हॉस्पिटल की निदेशक डॉ विनीता विश्वकर्मा ने किया।

आर एन विश्वकर्मा ने कहा कि पहल संस्था की अध्यक्ष वन्दना सिंह का यह सफल और सार्थक प्रयास है।

आम नागरिकों के लिए यह ज्ञानवर्धक आयोजन रहा। प्रदर्शनी का समापन करते हुए किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने प्रयाग की धरती को देव मुनियों और ऋषियों की धरती बताते हुए कहा कि आज के वर्तमान परिवेश में समाज को माताओं और बहनों के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है।

मनुष्य यदि अपने आप से प्रेम करने लगे तो मानव जीवन सार्थक हो जाएगा और आपसी सौहार्द बढ़ेगा।

पहल एक नई शुरुआत, जन कल्याण समिति एवं संस्थान की अध्यक्ष डॉ वन्दना सिंह ने आये हुए अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संस्था द्वारा यह प्रयास किया गया कि प्रदर्शनी के माध्यम से प्रयाग में होने वाले कुम्भ से लोगों को जोड़ा जाये और उसके सफल आयोजन में हम सभी अपना योगदान दें।

महामंडलेश्वर भवानी मां ने धर्म और आस्था की नगरी प्रयाग के महात्म्य का वर्णन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व आयुक्त कृष्ण चंद्रा ने कहा कि किन्नर समाज ने राष्ट्र निर्माण में प्राचीन काल से ही अपनी महती भूमिका निभाई है।
छाया संकलन अनुराग शुक्ला और अनुज खन्ना ने किया
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नेता शैलेश पांडे ने किया। पहल संस्था के अध्यक्ष वंदना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया
छायाकार अनुराग शुक्ला ने कहा बहुत ही जल्द आचार्य महामंडलेश्वर श्री लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के जीवन चरित्र पर एक चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
सह संयोजक भारतेंद्र त्रिपाठी ने आये हुए अतिथियों को पहल संस्था के उद्देश्यों से परिचित कराया। कार्यक्रम में डॉ विनीता विश्वकर्मा द्वारा विनीता हॉस्पिटल की ओर से पहल संस्था के पदाधिकारियों को सम्मानित किय।
आज के कार्यक्रम में मा कामाख्या संस्थान के स्वामी संकर्षण महराज, संत प्रांजल , डॉ राधा सत्यम, डॉ दीपा द्विवेदी, डॉ रविन्द्र प्रताप, ओम नम: शिवाय के आचार्य शांतनु , राम औतार गुप्ता, भारतेन्द्र त्रिपाठी, इन्द्र देव पाण्डेय, श्याम सुंदर सिंह पटेल, अभिषेक सिंह चौहान, दीनानाथ शुक्ल, माहेश्वरी प्रसाद,नीरू सिंह,सुनीता,ललिता अग्रवाल, धनराज पटेल , निर्मल अग्रवाल आदि शामिल थे।

