पहले आरोपी अफसर, फिर कनिष्ठ को जांच सौंपने में डीएम से जवाब तलब

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। हाईकोर्ट ने आरोपी अधिकारी को ही उसके खिलाफ जांच सौंपने और बाद में कनिष्ठ अधिकारी को जांच देने को लेकर दाखिल याचिका पर डीएम प्रयागराज से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार मिश्र एवं न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी की खंडपीठ ने दीन दयाल प्रसाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची के अधिवक्ता हर्षवर्धन शास्त्री का कहना था कि याची ने डूडा प्रयागराज की प्रोजेक्ट अफसर वर्तिका सिंह के ख्रिलाफ शिकायत की थी। डीएम ने इस शिकायत की जांच वर्तिका सिंह को ही सौंप दी। मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद डीएम ने नौ फरवरी 2021 को डीएम ने जांच डूडा में जूनियर इंजीनियर लाल प्रताप सिंह को सौंप दी और उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद शिकायत का निस्तारण कर दिया। अधिवक्ता का कहना था कि आठ फरवरी 2018 के शासनादेश के अनुसार जिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई हो, यदि वही अधिकारी अपनी जांच करता पाया जाए तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाए। साथ ही जिस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत की गई है, उससे कम से कम एक रैंक के ऊपर के अधिकारी को ही शिकायत की जांच सौंपी जा सकती है। जूनियर इंजीनियर पद में प्रोजेक्ट अफसर से कनिष्ठ है इसलिए उससे जांच कराना नियमविरुद्ध है। कोर्ट ने प्रोजेक्ट अफसर और डीएम को नोटिस जारी दस दिन में जवाब मांगा है।




