लखनऊ में हुई नन्दी सेवा संस्थान के प्रथम मार्गदर्शक एवं सलाहकार समिति की बैठक

*मिजोरम के पूर्व राज्यपाल समेत अन्य विशेष अतिथियों का मंत्री नन्दी ने किया स्वागत*
*भविष्य की योजनाओं को लेकर हुई चर्चा*
(अनुराग शुक्ला )
लखनऊ (अनुराग दर्शन समाचार )। आज माननीय मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी जी के आवास पर नन्दी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित प्रथम मार्गदर्शक एवं सलाहकार समिति की बैठक में मिजोरम के पूर्व राज्यपाल एवं केरल राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन जी, राम मनोहर लोहिया अवध विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति मनोज दीक्षित जी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल जी, इलाहाबाद संग्रहालय प्रयागराज के निदेशक डा. सुनील गुप्ता जी, इंडिया थिंक काउंसिल के निदेशक सौरभ पांडेय जी, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अशोक मेहता जी तथा नन्दी सेवा संस्थान के न्यासी मंडल से सुभाष बाजपेयी, गौरव अग्रवाल तथा कार्य समिति के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संस्था के मूल उद्देश्य, विगत पांच वर्षों के कार्यों का अवलोकन तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में आए हुए विशेषज्ञों ने क्रमशः सार्वजनिक और सेवा क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। संस्था के कार्यों की व्यापकता और नन्दी सेवा संस्थान के दिन प्रति दिन बढ़़ती प्रतिष्ठा को और बढ़ाने हेतु तथा कार्य क्षेत्र में गुणात्मक सुधार करते हुए, सेवा के अन्य नए आयामों को अंगीकृत करने का सुझाव स्वीकार किया गया। अतिथियों ने नन्दी सेवा संस्थान द्वारा लगातार किए जा रहे सेवा कार्यों एवं प्रकल्पों की सराहना की। माननीय मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी जी ने आए हुए सभी अतिथियों का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि नन्दी सेवा संस्थान जरूरत मंद लोगों की सेवा में सदैव तत्पर है और आगे भी रहेगा।
पूर्व राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन जी ने माननीय मंत्री जी को केरल आने का निमंत्रण दिया तथा रामायण के संदर्भ में प्रयागराज, चित्रकूट को केरल के स्थानों से सम्बद्ध करते हुए रामायण के प्रसंग को उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए एक संयुक्त सांस्कृतिक प्रयास की भूमिका पर चर्चा की।




