केसरवानी समाज के लोगों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को दिया गया ज्ञापन

( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश केसरवानी वैश्य सभा के द्वारा मुख्यमंत्री आवास लखनऊ में भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी एवं अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के संरक्षक शिव कुमार वैश्य के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को केसरवानी समाज को पिछड़े वर्ग की जाति में शामिल किए जाने को लेकर ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन सौंपते हुए अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी ने कहा कि केसरवानी समाज की संख्या पूरे भारतवर्ष में लगभग एक करोड़ है। जो अधिकतर उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य में निवास करते हैं । यह जाति शैक्षणिक, सामाजिक राजनैतिक रूप से अत्यंत पिछड़ी जाति है इस समाज के लोगों का विधायिका न्यायपालिका एवं कार्यपालिका और प्रशासन में प्रतिनिधित्व लगभग नगण्य है और लगभग आधा प्रतिशत(.५%) से भी कम लोग केंद्र एवं राज्य सरकार के नौकरियों में है और स्वतंत्रता के बाद से उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य में मात्र तीन या चार विधायक बन पाए हैं। और सामाजिक रुप से केसरवानी जाति की स्थिति अत्यंत दयनीय है । आज भी जाति के 90% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं और अधिकांश लोग चाट बेचने, चाय बेचने, फेरी करने, छोटी परचून की दुकान करने, ठेला लगाने, सब्जी बेचने, आदि छोटे-मोटे कार्य करके अपना जीवन यापन करते हैं और इस समाज की पूरी स्थिति का आंकलन करते हुए काका कालेकर आयोग, मंडल आयोग, एवं न्यायमूर्ति आर.एन .प्रसाद ने केसरवानी समाज को पिछड़े वर्ग की जाति में शामिल करने के को लेकर अपनी संस्तुति प्रदान की है। अतः हम उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि केशरवानी समाज के लोगों पिछड़े वर्ग के जाति में शामिल किए जाने की मांग करते हैं। और इस पुनीत कार्य के लिए हमारा केसरवानी समाज आपका कृतज्ञ ऋणी रहेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में उत्तर प्रदेश के 8 जिलों के प्रतिनिधि रहे ।


