ग़ज़ल संग्रह “उजाला कहाँ गया” का हुआ लोकार्पण

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हिंदुस्तानी एकेडेमी एवं सोपान साहित्यिक संस्था (पंजीकृत) के संयुक्त तत्वाधान में, हिंदुस्तानी एकेडेमी के गाँधी सभागार में गोरखपुर के वरिष्ठ शायर सरवत जमाल साहब के ग़ज़ल संग्रह “उजाला कहाँ गया” का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी प्रयागराज के डायरेक्टर लोकेश शुक्ल ने किया एवम् मुख्य अतिथि के तौर पर एडिशनल एडवोकेट जनरल, हइकोर्ट, इलाहाबाद आदरणीय कमरुल हसन सिद्दीक़ी साहब ने शिरक़त की। सैयद काजिम आब्दी फाउंडर, बज़्मेयारा, आदरणीय तलब जौनपुरी साहब ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन सोपान साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष राजीव नसीब एवं उपाध्यक्ष शालिनी श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र कवि सम्मेलन का संचालन संचालन प्रयागराज के शायर जनाब एम. एस. खान ने किया। अना इलाहाबादी ने पढ़ा ” किसी तमगे दुशाले की न चाहत सुर्खियों की है
मैं शेरो शायरी बस शौकिया हज़रात करती हूँ” शालिनी श्रीवास्तव (लखनऊ), ने पढ़ा ” वक़्त आया ज़िस्म पर रानाइयों का, सिलसिला भी चल पड़ा रुसवाइयों का। डॉ. प्रियंका त्रिपाठी (शहडोल) ने पढ़ा ” जहाँ पे खाई थी क़सम जनम-जनम का साथ हो, उसी नदी का तट है ये यही वो देवदार है। राजीव नसीब ने पढ़ा..”हर इक नज़र के देखने का ज़ाविया अलग सा है,हर इक बशर की ज़िंदगी का फ़लसफ़ा अलग सा है”। सरवत जमाल (गोरखपुर), तलब जौनपुरी (प्रयागराज), शिशिर सोमवंशी (प्रयागराज), शैलेन्द्र जय (प्रयागराज), कृष्ण कांत कामिल (प्रयागराज), जीतेन्द्र मिश्र जलज (प्रयागराज), एम. एस. खान (शाहिद अली) प्रयागराज, खान अब्दुल्ला (प्रयागराज), तारिक ज़फ़र (प्रयागराज), राजवीर सिंह (बदायूँ),अशोक श्रीवास्तव (प्रयागराज) ने कवि सम्मेलन में रचना पाठ किया। अंत में सोपान साहित्यिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव नसीब ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।



