
- धारा 144 ही नहीं 188 आईपीसी भी है प्रभावी
- धारा 188 के तहत बिना वारंट होगी गिरफ्तारी*
मथुरा (अनुराग दर्शन समाचार )। कोई होली नहीं खेलना चाहता तो छोडंें, जबरन रंग डालने का प्रयास न करें और नहीं कोई ऐसी हरकत करें जो आपको भारी पड जाए। जनपद में धारा 144 लागू है। महामारी एक्ट 1897 भी प्रभावी है। इसके तहत आईपीसी के धारा 188 में बिना वारंट गिरफ्तारी हो सकती है। यह आदेश सम्पूर्ण जनपद में लागू होगा और उन व्यक्तियों को सम्बोधित किया जाता है, जो इस अवधि में जनपद मथुरा में रहते हो या आवागमन करते हो। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह सक्षम मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के बिना किसी प्रकार का जुलूस ,रैली, सार्वजनिक सभा नहीं करेगा और न ही करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। इसकी पूर्वानुमति नगर मजिस्ट्रेट या सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट से प्राप्त करनी होगी। यह आदेश लोक व्यवस्था व लोक परिशान्ति बनाए रखने के हित में अपरिहार्यता के दृष्टिगत पारित किया जा रहा है। चूंकि यह आदेश जिन व्यक्तियों पर अभिप्रेत है उन्हें चिन्हांकित कर पाना तथा उन्हें सुना जाना वर्तमान परिस्थितियों में सम्भव नहीं है तथा परिस्थितियां इस प्रकार हैं कि इस आदेश को प्रवर्तित किया जाना आवश्यक है। यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा। यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक 14 मार्च से 11 मई 2022 तक के लिये प्रभावी होगा। जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति वर्तमान महामारी कोरोना के संबंध में सरकार की गाइइ लाइन दिशा निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के पर उसकी इच्छा के बिना कीचड़, रंग आदि नहीं डालेगा और न ही रंग भरे गुब्बारे व गुलाल फैंकेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति पर ऐसा रंग नहीं डालेगा और न ही ऐसा गुलाल लगायेगा जिससे त्वचा पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ता हो और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति राहगीरों से होली के लिए जबरन चंदा आदि वसूल नहीं करेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। यदि कोई व्यक्ति निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है, तो उसे बिना किसी वारण्ट गिरफ्तार किया जायेगा तथा धारा 188 आईपीसी के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।



