प्रयागराज में हिंदू परिवार में पूजी जाती हैं मुस्लिम बेटियां

बेटी सिर्फ देवी होती है वो हिंदू या मुस्लिम परिवारों की बाध्यता से ऊपर होती है
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। शहर में अलग मिसाल देखने को मिला है। यहां रविवार को हिना और सकीना को देवी बनाकर पूजा गया। दरअसल, जिले के एक हिंदू परिवार में मुस्लिम बेटियां पूजी जाती हैं।
ये विचार धर्म से ऊपर हैं, क्योंकि इस दिन बेटी सिर्फ देवी होती है। वो हिंदू या मुस्लिम परिवारों की बाध्यता से ऊपर होती है। प्रयागराज के म्योराबाद इलाके की रहने वाली मंजू लता श्रीवास्तव पिछले 32 सालों से नवरात्रि का व्रत रखती हैं। रामनवमी के दिन कन्या खिलाती हैं। इसके लिए वो मोहल्ले में रहने वाली बेटियों को भी बुलाती हैं। देवी के रूप में उनकी पूजा भी करती हैं। आरती उतारती हैं। चरण स्पर्श करती हैं। उन्हें दक्षिणा और उपहार भी देती हैं। वो अलग-अलग परिवारों से बेटियों को बुलाती हैं। फिर चाहे वो किसी भी धर्म की हों। पूजा के दौरान देवी बनी हिना की 12 साल की, तो सकीना 8 साल की हैं। इस समय दोनों बहनें रोजा रख रहीं हैं। सकीना का ये पहला रोजा भी है। हिना कहती हैं कि मैं रोजा रखती हूं। लेकिन, रामनवमी के दिन कन्या पूजन के समय मुझे कई हिंदू परिवार से बुलाया जाता है। छोटी बहन हिना और मैं दोनों कन्या पूजन के लिए जाती हूं। घर के मंदिर में पूजा होती है। तो हम दोनों भी एक साथ उस मंदिर में बैठती हूं। हिना और सकीना के पिता वकील सैलून चलाते हैं। वो गाजीपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता कहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम में क्या रखा है, हम सब तो एक ही हैं।




