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परमात्मा का अवतरण गौवंश के रक्षण के लिए हुआ-स्वामी अवधेशानन्द गिरि

प्रयागराज । प्रभु प्रेमी संघ शिविर, प्रयागराज में जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर अनंतश्रीविभूषित पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के विराम दिवस की कथा का रसास्वादन कराते हुए कथा का प्रारंभ पूज्य आचार्यश्री ने “नमो ब्रह्मण्य देवाय गौ ब्राह्मण हिताय च” श्लोक को उद्धरित करते हुए करते हुए कहा कि अनन्तता परमात्मा का गुण है।

अभियक्ति और शब्द से पृथक सत्ता जो मन बुद्धि का विषय नहीं है। वह इन्द्रिय समूह के द्वारा अभिव्यक्त नही होता। वह अतीन्द्रिय है और इन्द्रियातीत होकर ही उसे समझा जा सकता है। परमात्मा के अवतरण के मूल में गौरक्षण उसके पोषण और संवर्धन के लिए सतत संकल्पित है। इसलिए इस धरती का महत्वपूर्ण प्राणी गौ है। उसके गोबर से पर्जन्य, पवन, प्रकाश आदि नियंत्रित होते हैं।

गोपी गीत की व्याख्या करते हुए बताया कि गोपी गीत आत्म निरीक्षण का गीत है, आत्मसुधार का गीत है ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण की उपस्थिति से गोपांगनाओं में श्रेष्ठता का दम्भ हो गया। भगवान को जैसे ही ज्ञात हुआ कि गोपियों में अहंकार प्रवेश कर गया है। वो तत्काल वहां से अंतर्ध्यान हो गए। आत्म निरीक्षण की अवस्था में बड़े ही आर्द्र भाव से गोपियों ने अपने हृदय के उद्गार जिस गीत में उद्धृत किये हैं उसे श्रीमद्भागवत में गोपी गीत कहा गया है। जीवन का जो वास्तविक रस है वह इन्द्रियातीत है। इसलिए इन्द्रियों के अन्तर्मुखी होने के बाद ही वास्तविक सत्य की अनुभूति संभव है। गोपियों ने अनुभव किया कि हमारे पास जो कुछ भी विलक्षण, श्रेष्ठ या पारलौकिक है वह सब कृष्ण की कृपा पूर्ण उपस्थिति का परिणाम है ।

कथा के मध्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी का आगमन हुआ, उन्होंने उपस्थित प्रभुप्रेमी जनों को अपने आशीर्वचन प्रदान करते हुए योग अभ्यास भी कराया।

प्रभु प्रेमी संघ के कथा पांडाल में पूज्य स्वामी रामदेव जी 4 फरवरी तक प्रतिदिन 3:30 बजे से योग अभ्यास भी कराएंगे।

कथा श्रवण हेतु पूज्य कौशिक जी महाराज, प्रभु प्रेमी संघ शिविर की अधिशासी प्रभारी पूज्या महामंडलेश्वर स्वामी नैसर्गिका गिरि जी, महामंडलेश्वर स्वामी अपूर्वानंद जी, स्वामी कैलाशानन्द गिरि, स्वामी सोमदेव गिरि, विवेक ठाकुर, महेंद्र लाहौरिया, अलका सिंगला, मालिनी दोषी, सुरेंद्र सराफ, सांवरमल तुलस्यान, आरके शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संतगण एवं प्रभु प्रेमीजन उपस्थित रहे।

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