22 साल बाद हुए दीक्षांत समारोह में खाली रहीं सीनेट हॉल की कुर्सियां, उपाधि नहीं लेने पहुंचे डीजीपी

प्रयागराज। इलाहाबाद विवि की ओर से दी जाने वाली मानद उपाधि को लेकर मचे बवाल के चलते यूपी के डीजीपी ओ पी सिंह दीक्षांत समारोह में शिरकत करने नहीं पहुंचे। उनके न पहुंचने के बावजूद दीक्षांत समारोह में डीजीपी की ओर से विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए के शुक्ला ने मानद उपाधि मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों ग्रहण की।

वहीं दीक्षांत में आम छात्रों का प्रवेश प्रतिबंधित करने को लेकर गुरुवार को तमाम छात्रनेताओं ने जमकर विरोध भी किया। साथ-साथ दीक्षांत समारोह के बीच लोगों की कम भीड़ के कारण तमाम कुर्सियां खाली भी दिखीं।बता दें कि कुछ वक्त पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को मानद उपाधि देने की घोषणा की गई थी। विश्वविद्यालय द्वारा डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि देने की घोषणा के बाद से ही हंगामा शुरू हो गया था। पूर्व शिक्षक सहित कई छात्रों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रफेसर राम किशोर शास्त्री ने भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इस निर्णय के खिलाफ मुखर होकर विरोध किया


