नई शिक्षा नीति से बढ़ी दूरस्थ शिक्षा की लोकप्रियता: प्रो के एन सिंह

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। नई शिक्षा नीति के आने से दूरस्थ शिक्षा की लोकप्रियता एवं प्रमाणिकता बढ़ी है। भारत एवं भारतीयता को केंद्र में रखकर तैयार की गई नई शिक्षा नीति 21वीं शताब्दी की आवश्यकताओं के अनुरूप है। इस नीति में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन शिक्षा के मध्य समन्वय एवं सामंजस्य बैठाते हुए शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन पर विशेष जोर है। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति का हार्दिक स्वागत करता है। इस चिर प्रतिक्षित नीति के क्रियान्वयन से हर क्षेत्र एवं हर वर्ग तक उच्च शिक्षा को पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है एवं 2035 तक उच्च शिक्षा के नामांकन अनुपात को 50% तक पहुंचाने का भारत सरकार का लक्ष्य पूरा होगा।
उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह ने मंगलवार को बरेली क्षेत्रीय केंद्र से संबद्ध अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों की कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। प्रोफ़ेसर सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में उच्च शिक्षा के अध्ययन का स्वरूप बदल गया है। आज ऑनलाइन एजुकेशन का बोलबाला है। ऐसे में हमें सीमित संसाधनों के माध्यम से अधिक/ से अधिक लोगों को दूरस्थ शिक्षा माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान करना है।हमें प्रवेश में विविधता लानी है। विश्वविद्यालय ने इसी सत्र से कोविड-19 पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इस कार्यक्रम में महामारी के प्रकोप से बचने के उपायों को बताया गया है।
प्रोफेसर सिंह ने समन्वयक उनसे कहा कि शिक्षार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम केंद्रों पर चलाए जाएं। अध्ययन केंद्रों पर ही समस्या समाधान दिवस आयोजित किए जाएं, जिससे शिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके एवं शिक्षार्थी इस कोरोना काल में दूरस्थ माध्यम से प्रवेश लेकर बिना किसी अवरोध के अपनी शिक्षा को पूर्ण कर सकें।
मीडिया प्रभारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि कार्यशाला का संचालन डॉ जी के द्विवेदी ने तथा अतिथियों का स्वागत डॉ आर बी सिंह, क्षेत्रीय समन्वयक, बरेली क्षेत्रीय केंद्र ने किया। विषय प्रवर्तन तथा कार्यशाला के बारे में क्षेत्रीय निदेशक डॉ आशुतोष गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा पर जोर देते हुए कौशल युक्त शैक्षिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में बरेली क्षेत्रीय केंद्र से संबद्ध 29 अध्ययन केंद्रों के समन्वयक एवं प्राचार्य ने प्रतिभाग किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यशाला के संयोजक डॉ गिरीश कुमार द्विवेदी ने किया।




